मध्य प्रदेश

इंदौर के रेवती रेंज में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, दो साल में लगाए गए 13.10 लाख पौधे

Kavita2
10 Aug 2026 3:44 PM IST
इंदौर के रेवती रेंज में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, दो साल में लगाए गए 13.10 लाख पौधे
x

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में चलाए जा रहे अभियान के तहत रेवती रेंज में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला और महेंद्र हार्डिया तथा शहर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

रेवती रेंज में हरियाली का नया रिकॉर्ड

इंदौर ने हरियाली के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल किया है। रेवती रेंज में पिछले दो वर्षों के दौरान एक ही स्थान पर 13.10 लाख पेड़ लगाए जाने की जानकारी दी गई है। पहाड़ी और पठारी इलाकों में लगातार कई मानसून सीजन के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया।

जहां पहले पथरीली और अपेक्षाकृत बंजर जमीन नजर आती थी, वहीं अब लगातार पौधारोपण के कारण क्षेत्र का स्वरूप बदल रहा है। बारिश के मौसम में लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल से यहां हरियाली का दायरा बढ़ा है।

रेवती रेंज में बड़े पैमाने पर हुए पौधारोपण को इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण

कार्यक्रम ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।

अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एक पौधा लगाने के साथ उसके नियमित संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी लेने पर भी जोर दिया जाता है।

रेवती रेंज में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने पौधे लगाए और इस अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

पथरीली जमीन में बदला स्वरूप

रेवती रेंज का क्षेत्र पहाड़ी और पठारी भूभाग वाला है। यहां कई स्थानों पर जमीन पथरीली होने के कारण प्राकृतिक रूप से घनी हरियाली विकसित करना चुनौतीपूर्ण रहा है। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में लगातार पौधारोपण अभियान चलाया गया।

मानसून के दौरान पौधे लगाए जाने से उन्हें प्राकृतिक रूप से पानी मिलने का लाभ मिला। लगातार कई सीजन तक पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के चलते क्षेत्र में हरियाली बढ़ी है।

13.10 लाख पेड़ों के पौधारोपण का आंकड़ा इस अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है। हालांकि, इतने बड़े क्षेत्र में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना और उन्हें पेड़ के रूप में विकसित करना भी उतनी ही महत्वपूर्ण चुनौती है।

पौधों की देखभाल पर जोर

विशेषज्ञों और पर्यावरण से जुड़े लोगों के अनुसार, बड़े पैमाने पर पौधारोपण तभी प्रभावी माना जाता है जब पौधों के जीवित रहने और उनके विकास की पर्याप्त व्यवस्था हो। रेवती रेंज में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, पानी और सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को केवल पौधा लगाने के बजाय उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संदेश भी दिया गया।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाया। शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट समेत अन्य नेताओं ने अभियान में हिस्सा लिया।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला और महेंद्र हार्डिया तथा शहर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

जनप्रतिनिधियों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में भाग लेने की अपील की।

शहर के पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण पहल

इंदौर को स्वच्छता के साथ-साथ हरियाली के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण से हरित क्षेत्र बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

रेवती रेंज में हुए पौधारोपण को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगातार पौधारोपण से पहाड़ी क्षेत्र का प्राकृतिक स्वरूप बदलने की उम्मीद है। पेड़ों के बड़े होने के साथ क्षेत्र में जैव विविधता, मिट्टी संरक्षण और स्थानीय पर्यावरण को भी लाभ मिलने की संभावना है।

भविष्य में भी जारी रखने की तैयारी

रेवती रेंज में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण के बाद अब इन पौधों की देखभाल पर ध्यान देना अहम होगा। आने वाले मानसून सीजन में भी अभियान को आगे बढ़ाने और नए क्षेत्रों में पौधारोपण करने की संभावना है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं। इंदौर में रेवती रेंज का उदाहरण बताता है कि सामूहिक प्रयासों से पथरीले और कम हरित क्षेत्रों में भी लंबे समय में बदलाव लाया जा सकता है।

फिलहाल 13.10 लाख पौधों का पौधारोपण इंदौर के पर्यावरण अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। अब इन पौधों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें विकसित करना इस पहल की अगली बड़ी जिम्मेदारी होगी।

Next Story