मध्य प्रदेश

दशहरा की खुशियां मातम में बदली, कुएं में गिरने से 3 मासूम बच्चों की मौत

Triveni
21 Oct 2026 7:03 AM IST
दशहरा की खुशियां मातम में बदली, कुएं में गिरने से 3 मासूम बच्चों की मौत
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जांच में जुटी पुलिस
झाबुआ : मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से दशहरे के दिन एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। रानापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत चुई के पटेल फलिया में स्थित कुएं में गिरने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। तीनों बच्चों की उम्र करीब 9 से 10 वर्ष बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दशहरे की खुशियों के बीच तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे मंगलवार, 20 अक्टूबर की शाम अपने घरों से निकले थे। देर शाम तक उनके वापस नहीं लौटने पर चिंता बढ़ गई। बाद में उनके कुएं में गिरने की सूचना सामने आई। प्रशासन और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची तथा बच्चों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, तीनों बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
शाम 4 से 5 बजे के बीच घर से निकले थे बच्चे
प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र चौहान ने बताया कि तीनों बच्चे शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच अपने-अपने घरों से निकले थे। इसके बाद वे वापस घर नहीं पहुंचे। प्रशासन को घटना की सूचना रावण दहन कार्यक्रम के बाद मिली। जानकारी मिलते ही प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र चौहान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। कुएं में गिरे बच्चों को बाहर निकालने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तीनों बच्चों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान पटलिया गांव के रहने वाले तीन बच्चों के रूप में हुई है। इनमें विवेक पिता महेश राठौड़, मयंक पिता शैलेश चौहान और विजय पिता बाबू चंगोड शामिल हैं। तीनों बच्चों की उम्र करीब 9 से 10 वर्ष के बीच बताई गई है। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर ने गांव के लोगों को स्तब्ध कर दिया। हादसे के बाद बच्चों के परिवारों में मातम छा गया। घटनास्थल पर पहुंची बचाव टीम ने कुएं से बच्चों को निकालने का अभियान शुरू किया। इस दौरान पहले दो बच्चों के शव बाहर निकाल लिए गए। तीसरे बच्चे विजय के शव को निकालने में बचाव दल को काफी प्रयास करना पड़ा। आखिरकार विजय का शव भी कुएं से बाहर निकाल लिया गया। तीनों बच्चों की मौत की पुष्टि होने के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों में शोक फैल गया। थाना प्रभारी श्रीराम मंडलोई ने बताया कि तीनों बच्चों के शवों को कुएं से बाहर निकाल लिया गया है। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।
रावण दहन के बाद मिली हादसे की जानकारी
दशहरे के अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आयोजन और रावण दहन कार्यक्रम चल रहे थे। इसी दौरान बच्चों के कुएं में गिरने की दुखद घटना सामने आई। प्रशासन को रावण दहन के बाद इसकी सूचना मिली। अधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल पहुंचकर बचाव अभियान शुरू कराया। जिस दिन लोग विजयादशमी का पर्व मना रहे थे, उसी दिन तीन परिवारों को अपने बच्चों को खोने का दुख सहना पड़ा। हादसे के बाद क्षेत्र में त्योहार का उत्साह शोक में बदल गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
तीनों मासूमों की मौत से उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे घर से निकलकर कुएं तक कैसे पहुंचे और किन परिस्थितियों में पानी में गिर गए, इस संबंध में परिजन भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे की सूचना मिलने पर प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र चौहान, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। इसके अलावा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश डामोर, जिला मंत्री सुरेश समीर और विष्णु पांचाल भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रानापुर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद घटना से संबंधित अन्य जानकारियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बिना मुंडेर के कुएं को लेकर उठे सुरक्षा के सवाल
घटना से संबंधित एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस कुएं में बच्चे गिरे, वह बिना मुंडेर का था। हालांकि, कुएं की स्थिति और हादसे की सटीक परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच जारी है। इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं और जलस्रोतों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने ला दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कुओं के आसपास सुरक्षा दीवार, मजबूत ढक्कन या घेराबंदी की व्यवस्था बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषकर उन स्थानों पर जहां बच्चों की आवाजाही रहती है, खुले कुएं गंभीर खतरा बन सकते हैं।
हादसे के कारणों की जांच जारी
रानापुर थाना प्रभारी श्रीराम मंडलोई के अनुसार, तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे कुएं तक कैसे पहुंचे और घटना किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल बच्चों के कुएं में गिरने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। यह भी जांच का विषय है कि घटना के समय बच्चे किस स्थान पर थे और कुएं के आसपास सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद हादसे की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी। तीन मासूम बच्चों की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। दशहरे के दिन हुई इस दुर्घटना से प्रभावित परिवारों के साथ स्थानीय लोग भी दुख व्यक्त कर रहे हैं।
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