मध्य प्रदेश

मेडिकल स्टोरों पर ड्रग डिपार्टमेंट की कार्रवाई तेज, जांच में मिलीं गड़बड़ियां

Kavita2
31 July 2026 10:52 AM IST
मेडिकल स्टोरों पर ड्रग डिपार्टमेंट की कार्रवाई तेज, जांच में मिलीं गड़बड़ियां
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नई दिल्ली। दवाओं की बिक्री में नियमों के पालन और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रग डिपार्टमेंट ने मेडिकल स्टोरों के खिलाफ अपना निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की ओर से किए गए अचानक निरीक्षण में कई मेडिकल दुकानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दवा लाइसेंस, फार्मासिस्ट की मौजूदगी, दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं की बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।

ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारी के अनुसार, हाल ही में किए गए निरीक्षण अभियान के तहत कुल 11 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। इनमें से चार दुकानों में नियमों से जुड़ी खामियां पाई गईं। विभाग ने बताया कि इससे पहले भी 13 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई थी, जिनमें से छह दुकानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया था।

अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं की बिक्री के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं या नहीं। जांच में यह भी देखा गया कि दुकान पर लाइसेंस की शर्तों के अनुसार पंजीकृत फार्मासिस्ट मौजूद है या नहीं।

ड्रग डिपार्टमेंट ने विशेष रूप से गर्भपात से जुड़ी दवाओं और नशीली दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई है। ऐसी दवाओं की बिक्री के लिए अतिरिक्त नियम और रिकॉर्ड बनाए रखना जरूरी होता है। निरीक्षण टीम ने यह जांच की कि मेडिकल स्टोर संचालकों के पास इन दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की बिक्री में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए विभाग समय-समय पर मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण करता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है।

ड्रग डिपार्टमेंट ने बताया कि जिन मेडिकल स्टोरों में गड़बड़ियां मिली हैं, उनके मालिकों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के जरिए उनसे जवाब और आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे।

यदि मेडिकल स्टोर संचालक तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें ड्रग लाइसेंस का निलंबन या उसे रद्द करना भी शामिल है।

विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल कार्रवाई करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने और दवा बिक्री व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वे लाइसेंस की शर्तों और कानून में तय नियमों का पालन करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता और सावधानी बेहद जरूरी है। खासकर ऐसी दवाएं जिनका गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, उनकी बिक्री पर कड़ी निगरानी आवश्यक है।

गर्भपात से जुड़ी दवाओं और नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार ने पहले से ही कई नियम बनाए हैं। इन दवाओं की बिक्री केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है। मेडिकल स्टोर संचालकों को इन दवाओं की खरीद, बिक्री और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है।

ड्रग डिपार्टमेंट के निरीक्षण अभियान के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी इस तरह की अचानक जांच जारी रहेगी, ताकि दवा बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल जिन मेडिकल स्टोरों में खामियां मिली हैं, उनके खिलाफ आगे की प्रक्रिया नोटिस जारी होने के बाद शुरू होगी। विभाग की नजर अब इस बात पर रहेगी कि संबंधित दुकानदार जांच के दौरान सामने आई कमियों को दूर करते हैं या नहीं।

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