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नाग पंचमी पर साल में एक बार खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, उज्जैन में उमड़ा भक्तों का सैलाब

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट सोमवार को नाग पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। साल में केवल एक बार खुलने वाले इस दुर्लभ मंदिर के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंचे। इस बार नाग पंचमी सावन महीने के तीसरे सोमवार के साथ पड़ने से धार्मिक उत्साह और भी बढ़ गया।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट परंपरा के अनुसार नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इसके बाद अगले वर्ष नाग पंचमी तक मंदिर के दरवाजे फिर बंद कर दिए जाते हैं। यही कारण है कि यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भक्त इस विशेष अवसर को बेहद शुभ मानते हैं और भगवान नागचंद्रेश्वर का आशीर्वाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के नाग स्वरूप की पूजा की जाती है। नाग पंचमी के अवसर पर इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh: On the occasion of Nag Panchami, coinciding with a Monday in the holy month of Shravan, the doors of the Nagchandreshwar Temple atop the Mahakaleshwar Temple have been opened. The temple opens only once a year for 24 hours on Nag Panchami.… pic.twitter.com/4vT4hggjYR
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) August 16, 2026
सोमवार को मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही उज्जैन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग क्षेत्र के पास ही लगभग 40,000 श्रद्धालु पहले से मौजूद थे। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयोग होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सावन के सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहती है, वहीं नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की। मंदिर मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए और पुलिस बल की तैनाती की गई। अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर रखी ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
नागचंद्रेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके कपाट केवल नाग पंचमी के दिन ही खुलते हैं। वर्ष में एक बार दर्शन मिलने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालु इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते हैं। कई भक्त दूर-दराज के राज्यों से भी केवल नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग देवता भगवान शिव के प्रिय माने जाते हैं। नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने की परंपरा हिंदू धर्म में लंबे समय से चली आ रही है। इस दिन भक्त भगवान शिव और नाग देवता की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। यहां सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सावन महीने और विशेष पर्वों के दौरान मंदिर में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नागचंद्रेश्वर मंदिर के वार्षिक दर्शन के अवसर पर यह संख्या और अधिक हो जाती है।
मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की थीं। कतार व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया गया। अधिकारियों ने अपील की कि भक्त प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें।
नागचंद्रेश्वर मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं इसे देश के अन्य शिव मंदिरों से अलग पहचान देती हैं। साल में केवल एक दिन दर्शन मिलने के कारण यहां आने वाले भक्तों के लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता है। मंदिर खुलने के बाद भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान नागचंद्रेश्वर से आशीर्वाद मांगा।
इस अवसर पर उज्जैन में धार्मिक माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। हर तरफ भगवान शिव और नाग देवता के जयकारे गूंजते रहे। सावन सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ आने से शहर में उत्सव जैसा वातावरण बन गया।
प्रशासन के अनुसार भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत रखा गया। पुलिसकर्मी और मंदिर कर्मचारी श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करते रहे। मंदिर के बाहर लंबी कतारें दिखाई दीं, लेकिन भक्तों में दर्शन को लेकर उत्साह बना रहा।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खुलने की परंपरा वर्षों पुरानी है और इसे धार्मिक आस्था से जोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस विशेष दिन भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
इस बार नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार का शुभ संयोग होने से उज्जैन में भक्तों की संख्या और बढ़ गई। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए किए गए इंतजामों के बीच धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की कोशिश की गई।
साल में केवल एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का बड़ा केंद्र हैं। सोमवार को खुले मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक महत्ता को दर्शाया।





