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डॉक्टरों ने मृत बताया, अंतिम संस्कार से पहले बुजुर्ग ने खोली आंखें, हिचकी आई और उठकर खड़े हो गए

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बड़ामलहरा कस्बे में रहने वाले 65 वर्षीय शेख सलीम को कथित तौर पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान उनके शरीर में अचानक हलचल होने लगी। परिजनों का दावा है कि बुजुर्ग को पहले हिचकी आई, फिर उनकी धड़कन महसूस हुई और कुछ देर बाद उन्होंने आंखें खोल दीं। परिवार के अनुसार, सलीम उठकर बैठ गए और बाद में अपने पैरों पर खड़े भी हो गए। इस घटना से घर में मौजूद रिश्तेदार हैरान रह गए। बुजुर्ग के जीवित होने की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी उनके घर पहुंचने लगे। हालांकि, डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित किए जाने के दावे की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बुधवार सुबह अचानक बिगड़ी थी तबीयत
शेख सलीम के पोते साहिल खान ने बताया कि बुधवार, 7 अक्टूबर की सुबह उनके दादाजी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
परिवार के लोग उनकी हालत देखकर चिंतित हो गए। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए छतरपुर जिला अस्पताल ले जाया गया।
साहिल के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर थी।
अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों ने उनकी हालत बेहद नाजुक बताई थी। इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर करने की सलाह दी गई।
ग्वालियर रेफर करने की दी गई थी सलाह
परिवार का कहना है कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने शेख सलीम की हालत गंभीर बताई।
परिजनों के मुताबिक, उन्हें ग्वालियर ले जाने की सलाह दी गई थी। परिवार का दावा है कि डॉक्टरों ने बुजुर्ग की हालत को लेकर गंभीर आशंका भी जताई थी।
इसके बाद परिजन बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे उन्हें अस्पताल से लेकर बड़ामलहरा के लिए रवाना हो गए।
हालांकि, अस्पताल से छुट्टी मिलने, रेफर किए जाने और कथित तौर पर मृत घोषित करने से संबंधित दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
इसलिए चिकित्सकों ने वास्तव में क्या निष्कर्ष दिया था, इसकी पुष्टि अस्पताल के रिकॉर्ड से ही हो सकेगी।
घर पहुंचते ही शुरू हुई अंतिम संस्कार की तैयारी
परिजनों के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद शेख सलीम को घर के एक कमरे में लिटाया गया।
परिवार के सदस्य उनकी स्थिति को देखते हुए अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।
रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई थी। कुछ रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे, जबकि अन्य लोग परिवार से संपर्क कर रहे थे।
घर में शोक का माहौल था। परिवार के लोग धार्मिक परंपराओं के अनुसार दुआ कर रहे थे।
इसी बीच रात में एक ऐसी घटना हुई, जिसने परिवार के लोगों को हैरान कर दिया।
रात डेढ़ बजे अचानक आई हिचकी
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात करीब डेढ़ बजे शेख सलीम को अचानक हिचकी आई।
इसके बाद उनके शरीर में हलचल दिखाई देने लगी। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्हें बुजुर्ग की धड़कन भी महसूस हुई।
कुछ देर बाद शेख सलीम ने अपनी आंखें खोल दीं।
परिजनों का दावा है कि वह पहले उठकर बैठे और बाद में अपने पैरों पर खड़े भी हो गए।
अचानक हुई इस घटना को देखकर घर में मौजूद लोग हैरान रह गए।
जिस व्यक्ति के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, उसमें जीवन के संकेत दिखाई देने की खबर ने पूरे परिवार का माहौल बदल दिया।
बुजुर्ग को देखने उमड़ी लोगों की भीड़
शेख सलीम के शरीर में हलचल होने और आंखें खोलने की खबर तेजी से आसपास के लोगों तक पहुंची।
इसके बाद रिश्तेदार और पड़ोसी उनके घर आने लगे।
परिवार के सदस्यों ने घटना की जानकारी लोगों को दी। कई लोगों के लिए यह घटना बेहद आश्चर्यजनक थी।
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग की हालत में सुधार दिखाई दिया और वह धार्मिक प्रार्थना भी करने लगे।
हालांकि, घटना के बाद उनकी किसी चिकित्सक से दोबारा जांच कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
पोते साहिल खान ने बताया पूरा घटनाक्रम
शेख सलीम के पोते साहिल खान ने बताया कि उनके दादाजी की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई थी।
इसके बाद परिवार उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उनका उपचार किया गया।
साहिल के अनुसार, अस्पताल में बुजुर्ग की स्थिति काफी गंभीर बताई गई थी।
परिजन उन्हें लेकर घर लौट आए थे। परिवार में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू होने के बाद अचानक बुजुर्ग के शरीर में हलचल दिखाई दी।
साहिल और परिवार के अन्य सदस्यों ने इस पूरे घटनाक्रम को अप्रत्याशित बताया।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने बुजुर्ग की स्थिति में इस प्रकार बदलाव होने की उम्मीद नहीं की थी।
तीन बार मृत घोषित करने का दावा
इस मामले में परिजनों ने एक और गंभीर दावा किया है।
परिवार का कहना है कि शेख सलीम को अलग-अलग मौकों पर तीन बार मृत बताया गया था।
हालांकि, इस दावे की पुष्टि करने वाले अस्पताल के दस्तावेज या संबंधित चिकित्सकों का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि डॉक्टरों ने बुजुर्ग को औपचारिक रूप से मृत घोषित किया था या केवल उनकी हालत बेहद गंभीर बताई थी।
दोनों परिस्थितियां चिकित्सकीय और कानूनी दृष्टि से अलग हैं।
ऐसे में बिना अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच किए यह कहना उचित नहीं होगा कि चिकित्सकों ने मृत्यु की पुष्टि करने में गलती की थी।
परिवार ने बताया ईश्वर का चमत्कार
शेख सलीम के शरीर में दोबारा हलचल दिखाई देने के बाद परिवार के लोग इसे ईश्वर की कृपा मान रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग ने होश में आने के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।
परिवार का कहना है कि सलीम अब पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं।
परिजनों ने इस घटना को चमत्कार बताते हुए अपनी खुशी व्यक्त की।
हालांकि, चिकित्सकीय दृष्टि से यह स्पष्ट होना बाकी है कि बुजुर्ग उस समय किस स्थिति में थे और अचानक शरीर में हलचल दिखाई देने का कारण क्या था।
क्या मेडिकल रिकॉर्ड से सामने आएगी सच्चाई?
शेख सलीम के मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न उनकी वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति को लेकर है।
परिवार का दावा है कि उन्हें मृत बताया गया था, जबकि बाद में वह उठकर खड़े हो गए।
इस प्रकार की घटना की पुष्टि के लिए अस्पताल का उपचार रिकॉर्ड, चिकित्सकों की रिपोर्ट और बाद की स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण होगी।
गंभीर बीमारी, बेहोशी या अत्यंत कमजोर अवस्था को चिकित्सकीय रूप से मृत्यु के समान नहीं माना जा सकता।
किसी व्यक्ति की मृत्यु घोषित करने के लिए निर्धारित चिकित्सकीय मानदंडों का पालन आवश्यक होता है।
इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन मानदंडों के अनुसार बुजुर्ग की जांच की गई थी या नहीं।
डॉक्टरों का आधिकारिक पक्ष आना बाकी
अब तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से शेख सलीम के परिवार के बयानों पर आधारित है।
जिला अस्पताल के संबंधित चिकित्सकों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
इसलिए डॉक्टरों द्वारा तीन बार मृत घोषित करने और उसके बाद बुजुर्ग के जीवित पाए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यदि अस्पताल के रिकॉर्ड और चिकित्सा जांच की जानकारी सामने आती है, तो यह स्पष्ट हो सकता है कि बुधवार को बुजुर्ग की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति क्या थी।
फिलहाल परिजन उनके स्वस्थ होने का दावा कर रहे हैं।
छतरपुर में चर्चा का विषय बनी घटना
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा कस्बे में हुई यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचे 65 वर्षीय शेख सलीम के बारे में परिजनों ने गुरुवार को अप्रत्याशित जानकारी साझा की।
परिवार का कहना है कि अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच बुजुर्ग को हिचकी आई और वह उठकर खड़े हो गए।
इस घटनाक्रम से परिजनों को राहत मिली है, लेकिन मामले की चिकित्सकीय सच्चाई अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल यह परिजनों का दावा है कि मृत बताए गए शेख सलीम में दोबारा जीवन के संकेत दिखाई दिए। अस्पताल की आधिकारिक रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।





