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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब शहर के व्यस्त फुहारा इलाके के मच्छरहई बाजार में एक पुरानी और जर्जर इमारत अचानक ढह गई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इमारत में मरम्मत का काम कर रहे मजदूर कुछ मिनट पहले ही वहां से बाहर निकल गए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोग अचानक गिरी इमारत को देखकर घबरा गए। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
चार महीने से चल रहा था मरम्मत का काम
जानकारी के मुताबिक, यह पुरानी इमारत यतिन जैन की थी। इमारत में पिछले करीब चार महीनों से मरम्मत का काम चल रहा था। बुधवार को भी मजदूर भवन में काम कर रहे थे।
काम के दौरान अचानक इमारत से चटकने और टूटने जैसी आवाजें आने लगीं। मजदूरों को जैसे ही संभावित खतरे का अंदाजा हुआ, उन्होंने तुरंत वहां से निकलना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजदूरों के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद पूरी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। यदि मजदूर समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग इमारत से दूर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं और कुछ ही देर बाद पूरी इमारत धूल के गुबार के साथ जमीन पर गिर जाती है।
वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की हलचल और इमारत गिरने के बाद उठता धुआं दिखाई दे रहा है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
बाजार क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
मच्छरहई बाजार शहर के व्यस्त इलाकों में से एक माना जाता है। ऐसे में बाजार क्षेत्र में इमारत गिरने की घटना से लोगों में चिंता फैल गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत काफी पुरानी थी और लंबे समय से उसकी हालत कमजोर दिखाई दे रही थी। हालांकि, मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे भवन को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
मलबे के आसपास लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया ताकि किसी तरह की अतिरिक्त दुर्घटना न हो। प्रशासन की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि इमारत गिरने के कारण क्या थे और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।
जर्जर इमारतों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में मौजूद पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने भवनों की समय-समय पर जांच और मरम्मत जरूरी होती है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित जर्जर इमारतें आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के लिए खतरा बन सकती हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है।
मजदूरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इस हादसे में सबसे राहत वाली बात यह रही कि मजदूरों ने खतरे को पहचान लिया और समय रहते इमारत से बाहर निकल गए। उनकी सतर्कता के कारण किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
घटना ने एक बार फिर निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की जरूरत को सामने ला दिया है।
जांच के बाद सामने आएगी वजह
फिलहाल प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है। शुरुआती तौर पर इमारत के पुराना और कमजोर होने की बात सामने आई है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जबलपुर की इस घटना में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह पुरानी इमारतों की सुरक्षा और समय पर रखरखाव की अहमियत को जरूर उजागर करती है।





