मध्य प्रदेश

भोपाल में कांग्रेस का विरोध मार्च दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी हुए शामिल

Ratna Netam
8 Oct 2026 7:38 PM IST
भोपाल में कांग्रेस का विरोध मार्च दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी हुए शामिल
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भोपाल। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के अन्य सांसदों के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में गुरुवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान से जोड़ा। राजधानी भोपाल में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता विरोध मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने व्यापम चौराहे से बोर्ड ऑफिस चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और दिल्ली में विपक्षी सांसदों के साथ हुई कथित बदसलूकी पर नाराजगी जाहिर की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोका और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। पार्टी ने इस घटना को लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के अधिकार से जोड़ते हुए आपत्ति जताई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है और अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है।
भोपाल में आयोजित विरोध मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। इन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध में भागीदारी करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाई।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेता लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
इससे पहले 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोक दिया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और विरोध जारी रखने की घोषणा की।
दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदर्शन शुरू किया था। 6 अक्टूबर की रात भोपाल में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया था। उस प्रदर्शन में जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह शामिल हुए थे। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद गुरुवार को भोपाल में आयोजित विरोध मार्च के जरिए कांग्रेस ने अपनी नाराजगी दोबारा व्यक्त की। इस बार प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ कथित बदसलूकी रहा। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आवाज से जुड़ा मुद्दा बताया।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के बैनर तले मार्च निकाला। कांग्रेस का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वह आंदोलन कर रही है। पार्टी चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रही है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पहले भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखने और प्रदेश स्तर पर भी विरोध दर्ज कराने की बात कही थी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भोपाल में आयोजित धरने के दौरान उन्होंने कहा था कि कांग्रेस लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के आंदोलन का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में कथित हेरफेर और पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। भारतीय जनता पार्टी ने भी विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए उनका विरोध किया है। ऐसे में चुनाव आयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
दिल्ली में 8 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित INDIA गठबंधन के कई नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित बैठक में शामिल हुए। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राजघाट की ओर जाने का कार्यक्रम बनाया। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग इस आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी रही।
भोपाल में कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की घटनाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। व्यापम चौराहे से बोर्ड ऑफिस चौराहे तक निकाले गए मार्च में चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनावी व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। वहीं, आयोग और भाजपा ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
राजधानी भोपाल में गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन ने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद को मध्य प्रदेश में भी प्रमुखता दी। दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार की भागीदारी के साथ कांग्रेस ने दिल्ली में विपक्षी सांसदों के साथ कथित बदसलूकी का विरोध किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांग दोहराई।
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