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Devi अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर का 62वां स्थापना दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने सोमवार को अपना 62वां स्थापना दिवस समारोह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के नालंदा परिसर में सुबह 10:30 बजे मुख्य समारोह के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के नालंदा और तक्षशिला परिसरों में स्थापित देवी अहिल्या की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद औपचारिक रूप से दीप प्रज्वलन किया गया, जिससे समारोह का शुभारंभ हुआ। मंच पर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राकेश सिंघई, कुलसचिव डॉ. प्रज्वल खरे, कार्यपरिषद सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विश्वविद्यालय की विकास यात्रा और उपलब्धियों को याद करते हुए इस महत्वपूर्ण दिन को मनाया।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने पिछले कई वर्षों में शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में कुलपति ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। उपस्थित गणमान्य लोगों ने संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और भविष्य की योजनाओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया।
समारोह में मौजूद प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने भी विश्वविद्यालय की यात्रा को याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और संस्थान के विकास में अपनी भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, गरिमा और उत्साह का माहौल बना रहा। स्थापना दिवस ने विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट करते हुए उसकी उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने का संदेश दिया।





