मध्य प्रदेश

इंदौर नगर निगम बजट सत्र में कांग्रेस और BJP पार्षदों के बीच बहस

Kavita2
8 April 2026 10:46 AM IST
इंदौर नगर निगम बजट सत्र में कांग्रेस और BJP पार्षदों के बीच बहस
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : गुरुवार को इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (IMC) का बजट पेश किए जाने के दौरान सदन में तनावपूर्ण माहौल बन गया। कार्यवाही मेयर के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई, लेकिन जब कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी, तो BJP पार्षदों ने इसका विरोध किया और “जय श्री राम” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे सदन में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया।

सत्र में विपक्ष ने विरोध को और बढ़ाते हुए काली पट्टी पहनकर बैठने का निर्णय किया। वहीं, कांग्रेस के पार्षद कुणाल सोलंकी ने टी-शर्ट पहनकर विरोध जताया, जिस पर लिखा था, “नाले का पानी पियो, यही है नगर निगम के विकास की कहानी।” इस कदम ने सत्र में और तनाव बढ़ा दिया और अधिकारियों के लिए बजट प्रस्तुत करना मुश्किल हो गया।

मेयर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सदस्यों ने मृतकों पर राजनीति की। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा जल त्रासदी के मृतकों के लिए उनके सुझाव मांगे गए थे, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने उसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। मेयर ने इसे निंदनीय बताया और कहा कि बजट सत्र में इस तरह का विरोध पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करता है।

IMC का बजट सत्र इस बार सामान्य से अलग और विवादित रहा। बजट प्रस्तुत करते समय वित्तीय प्रस्तावों पर चर्चा भी हुई, लेकिन पार्षदों के बीच राजनीतिक विरोध ने ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल पैदा कर दी। BJP और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

अधिकारियों ने बताया कि बजट सत्र का उद्देश्य नगर निगम के आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देना है। हालांकि, इस बार की कार्यवाही में राजनीतिक विवादों ने प्रमुख चर्चा और बजट पारित करने की प्रक्रिया पर असर डाला।

सत्र में शहर के विकास, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। लेकिन सदन में राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत टिप्पणियों ने पूरे सत्र को तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारियों ने कहा कि बजट प्रस्ताव पर काम जारी रहेगा और जल्द ही इसे पारित किया जाएगा।

इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि नगर निगम के बजट सत्र में राजनीतिक विरोध और बहस शहर के विकास कार्यों पर असर डाल सकती है। इस दौरान हुए विरोध और नारेबाजी ने सदन की गरिमा को भी चुनौती दी। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में सत्र में अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे ताकि बजट पर सही तरीके से चर्चा हो सके और विकास कार्यों में देरी न हो।

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