मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में बाघों की मौत: शिकार और लापरवाही बनी चिंता

SHIDDHANT
23 Aug 2025 9:35 PM IST
मध्य प्रदेश में बाघों की मौत: शिकार और लापरवाही बनी चिंता
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MP मध्य प्रदेश, जिसे 'टाइगर स्टेट' कहा जाता है, में देश के सबसे ज्यादा बाघ पाए जाते हैं। राज्य में लगभग 780 बाघ हैं, लेकिन यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा बाघों की मौतें हो रही हैं। हाल ही में बालाघाट और नर्मदापुरम में बाघों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। कई मौतों का कारण बिजली का करंट बताया गया है, लेकिन सबसे गंभीर समस्या शिकार के जरिए बाघों की हत्या है। नर्मदापुरम से हाल ही में प्राप्त मृत बाघ की तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं। तस्वीरों में बाघ को पहले फांसी पर लटका दिखाया गया, उसके बाद पंजे को हथियार से काटा गया। यह घटना वन्य जीवन की सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।

प्रमुख वन अधिकारी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख ने सभी टाइगर रिजर्व को पत्र भेजकर साफ कहा है कि वन्य जीवों की मौत में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से शिकार, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर जोर दिया है। वन अधिकारियों का कहना है कि टाइगर संरक्षण के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार और वन्य जीव विभाग मिलकर कैमरा ट्रैप, ड्रोन निगरानी और विशेष गश्त अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद बाघों की मौत की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए सिर्फ उनकी संख्या गिनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रहने के वातावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। करंट लगने से मौतें रोकने के लिए बिजली के खंभों और तारों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भी वन्य जीव सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति बाघ के शिकार या हत्या में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को न सिर्फ 'टाइगर स्टेट' कहा जाए, बल्कि यहां के बाघ सुरक्षित और संरक्षित रहें।

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