मध्य प्रदेश

Damoh : सांगा गांव में फूटा था तालाब, छह महीने बाद भी बंजर पड़ी खेत

Tara Tandi
22 March 2024 7:34 PM IST
Damoh : सांगा गांव में फूटा था तालाब, छह महीने बाद भी बंजर पड़ी  खेत
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दमोह : दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के सांगा गांव में बारिश के मौसम में एक तालाब फूट गया था। इसमें छह महीने बाद भी सुधार नहीं हुआ है। दर्जनों किसानों की सैकड़ो एकड़ खेती बंजर पड़ी है। वे रबी सीजन की फसल भी नहीं लगा सके क्योंकि इसी तालाब के पानी से उनकी फसलों की सिंचाई होती थी। जो तालाब फूटा था, वह पुराना था। मनरेगा योजना से उसकी मरम्मत का कार्य किया गया था। वन विभाग ने बीच में कार्य रुकवा दिया और बाद में तालाब फूट गया। उसके बाद आज तक मरम्मत नहीं हुई।
कई एकड़ जमीन हुई प्रभावित
सांगा गांव में जो तालाब बना था वह पूर्व मंत्री रत्नेश सोलोमन के कार्यकाल में बना था। इस तालाब के पानी से कई एकड़ खेती की सिचाई होती थी। तालाब फूटने के बाद गांव के किसानों के खेतों में फसल की उपज नहीं हो पा रही है। तालाब का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। किसानों ने बताया कि तालाब के पानी से खेतों में लगी फसलों की सिचाई होती थी। गर्मियों में जब गांव में जलसंकट होता था, तब तालाब के पानी का सहारा होता था। अब तो तालाब में पानी ही नहीं बचा है। ऐसी स्थिति में कई एकड़ खेती खाली पड़े हैं। जिन लोगों के खेत तालाब फूटने से प्रभावित हुए हैं, वह अब मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
मवेशियों को भी नहीं मिला पानी
ग्राम सांगा के रहवासियों ने बताया कि तालाब में प्रतिवर्ष पर्याप्त पानी रहता था। पूरे गांव के साथ आसपास के मवेशियों की प्यास बुझा करती थी। तालाब इतना बड़ा था कि गर्मियों में भी पर्याप्त पानी रहता था। तालाब फूटने के बाद से कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया है, जिससे तालाब में भरा पानी खत्म हो गया और अब तालाब पूरी तरह सूखने के कगार पर है। किसानों की दो फसलें खराब हो गई है। पहली फसल बारिश में और दूसरी फसल पानी न होने की वजह से खराब हुई। यदि वह बारिश के भरोसे खेती करते भी हैं तो तेज बारिश में तालाब में पानी फिर ठहरेगा और उसी जगह से तेज रफ्तार में बढ़ेगा जहां से तालाब फूटा है। इससे खेतों में लगी फसलों को फिर नुकसान हो जाएगा। तालाब में सुधार के लिए हम लोग कई बार वनकर्मियों से कह चुके हैं, लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
मनरेगा योजना से हुई थी मरम्मत
तालाब वन भूमि के अधीन बना हुआ है। तीन वर्ष पूर्व इस तालाब की मरम्मत का कार्य तेजगढ़ वन परिक्षेत्र द्वारा कराया गया था। बीच में कार्य बंद कर दिया गया। उसके बाद तालाब में धीरे- धीरे रिसाव हुआ और तालाब फूट गया। आज भी उसी हालत में क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा हुआ है। तेजगढ़ रेंजर का कहना है कि तालाब फूटने से कई किसानों की फसले बंजर पड़ी हुई है। इसकी जानकारी हम लोगों को है। तालाब के मरम्मत का कार्य मनरेगा योजना से हुआ था। उसकी अभी राशि बची हुई है। उसी राशि से कार्य कराया जाएगा।
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