मध्य प्रदेश

Damoh: डॉक्टर से मारपीट पर चिकित्सकों का विरोध, काली पट्टी बांधी

Admindelhi1
15 Sept 2026 2:00 PM IST
Damoh: डॉक्टर से मारपीट पर चिकित्सकों का विरोध, काली पट्टी बांधी
x
हटा में चिकित्सकों ने जताया आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

दमोह: मध्य प्रदेश के दमाेह जिले के हटा सिविल अस्पताल में ड्यूटी के दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. चेतन साहू के साथ 9 सितंबर को हुई कथित अभद्रता और मारपीट के विरोध में दमोह जिले के चिकित्सकों ने मंगलवार से काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया। शासकीय चिकित्सकों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े निजी चिकित्सक भी इस विरोध में शामिल हुए। चिकित्सक काली पट्टी बांधकर मरीजों का उपचार करते हुए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

घटना के संबंध में चिकित्सक संघ ने हटा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। संघ की ओर से मामले की जानकारी दमोह कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और मध्यप्रदेश शासकीय चिकित्सक संघ, भोपाल को भी भेजी गई है।

जिले के करीब 170 शासकीय डॉक्टर विरोध में

चिकित्सक संघ के पदाधिकारी डॉ. विशाल शुक्ला और डॉ. दिवाकर पटेल ने बताया कि जिले के शासकीय अस्पतालों में करीब 170 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। सभी चिकित्सक 15 सितंबर से काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध के बावजूद मरीजों के उपचार और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जा रहा है।

सड़क हादसे में घायल मरीजों का इलाज कर रहे थे डॉ. साहू

जानकारी के मुताबिक, 9 सितंबर को डॉ. चेतन साहू हटा सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर थे और सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का उपचार कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा समझाने पर संबंधित व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें झकझोरा और मारपीट का प्रयास किया। घटना के बाद हटा थाने में अपराध क्रमांक 0463/2026 दर्ज किया गया है।

डॉक्टरों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग

चिकित्सक संघ ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। संघ ने विशेष रूप से रात्रिकालीन ड्यूटी और आपातकालीन सेवाओं के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग रखी है।

चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटनाओं पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि चिकित्सक बिना भय के मरीजों को उपचार उपलब्ध करा सकें।

करीब 150 निजी चिकित्सक भी विरोध में शामिल

डॉक्टरों के विरोध को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। चिकित्सकों के अनुसार जिले के करीब 150 निजी चिकित्सक भी अपने-अपने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में काली पट्टी बांधकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। शासकीय और निजी चिकित्सकों को मिलाकर जिले में करीब 320 चिकित्सकों के विरोध में शामिल होने की बात कही गई है।

24 घंटे में कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी

चिकित्सक संघ ने पुलिस प्रशासन को आरोपी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं होती है तो विरोध को चरणबद्ध आंदोलन में बदला जाएगा।

घटना के छह दिन बाद शुरू हुए इस विरोध के बीच अब चिकित्सक समुदाय की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी भय या दबाव के मरीजों को सेवाएं दे सकें।

Next Story