मध्य प्रदेश

सीहोर में डेयरी पर छापा 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त

Kavita2
20 Aug 2026 11:27 AM IST
सीहोर में डेयरी पर छापा 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त
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सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डेयरी से 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया है। यह कार्रवाई बुधवार रात सीहोर के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी में की गई। अधिकारियों के अनुसार, डेयरी में तैयार किए जा रहे पनीर की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी, जिसके बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा राज्य में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।





जानकारी के अनुसार, भोपाल डिविजनल फ्लाइंग स्क्वाड और सीहोर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की संयुक्त टीम ने रुद्रांश डेयरी फैक्टरी पर अचानक जांच अभियान चलाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर डेयरी परिसर में रखे पनीर और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े सामानों की जांच की।

फ्लाइंग स्क्वाड के प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि सीहोर जिले में नकली और एनालॉग पनीर के उत्पादन की शिकायत खाद्य आयुक्त को मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और इसके बाद रुद्रांश डेयरी पर कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर मिला। अधिकारियों ने मौके से करीब 25 क्विंटल पनीर जब्त किया। इसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि इसकी गुणवत्ता और इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की पुष्टि की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, एनालॉग पनीर सामान्य पनीर से अलग होता है। इसे कई बार दूध की जगह अन्य सामग्री जैसे वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य पदार्थों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। अगर इसे गलत तरीके से तैयार या बेचा जाए तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

खाद्य विभाग की टीम ने डेयरी में मौजूद अन्य खाद्य सामग्री और दस्तावेजों की भी जांच की। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि सैंपल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल के दिनों में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज किया है। त्योहारों के मौसम को देखते हुए दूध, मावा, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में नकली खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए। इसी के तहत अलग-अलग जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार जांच अभियान चला रही हैं।

स्थानीय लोगों ने खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि त्योहारों के समय मिलावट का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पनीर और दूध से बने उत्पादों की मांग त्योहारों के दौरान तेजी से बढ़ती है। इसी मांग का फायदा उठाकर कुछ लोग कम लागत में नकली या मिलावटी उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है।

सीहोर में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग अन्य डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी संदिग्ध खाद्य सामग्री बनाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

फिलहाल रुद्रांश डेयरी से जब्त किए गए 25 क्विंटल एनालॉग पनीर के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इसमें कौन-कौन से पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और नियमों का कितना उल्लंघन हुआ है।

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