मध्य प्रदेश

अयोध्या नगर में साइबर ठगी, 3 लोगों से 3.28 लाख ऐंठे

Kavita2
24 Aug 2026 10:14 AM IST
अयोध्या नगर में साइबर ठगी, 3 लोगों से 3.28 लाख ऐंठे
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भोपाल। अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के अलग-अलग मामलों में तीन लोगों के साथ कथित तौर पर 3 लाख 28 हजार 935 रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। साइबर सेल से ई-जीरो एफआईआर मिलने के बाद अयोध्या नगर पुलिस ने तीनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया। कहीं पहचान छिपाकर भरोसा जीता गया तो कहीं रिश्तेदार बनकर पैसे मांगे गए। एक मामले में कथित तौर पर जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर पीड़ित को धमकाया गया।

पुलिस अब शिकायतों के आधार पर मोबाइल नंबर, बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत मिलने से रकम को फ्रीज कराने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

पहचान छिपाकर महिला से 2.41 लाख रुपये की ठगी

पहला मामला दुर्गेश विहार निवासी अरविंदर कौर से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और अपनी पहचान किसी अन्य व्यक्ति के रूप में बताई। आरोपी ने कथित तौर पर बातचीत के दौरान उनका भरोसा हासिल किया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने विश्वास में लेने के बाद उन्हें एक खाते में रकम ट्रांसफर करने के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से उनसे कथित तौर पर 2 लाख 41 हजार रुपये की राशि ठग ली गई।

जब अरविंदर कौर को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। साइबर सेल से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अयोध्या नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जिस नंबर से पीड़िता को संपर्क किया गया था, वह किसके नाम पर है और ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची। इसके साथ ही पुलिस लेन-देन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

रिश्तेदार बनकर 98,935 रुपये की ठगी

दूसरा मामला न्यू मिनल रेजीडेंसी निवासी राणा मोहिंदर प्रताप से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर उनके रिश्तेदार के रूप में उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने ऐसी परिस्थिति पेश की, जिससे पीड़ित को लगा कि सामने वाला वास्तव में उनका परिचित या रिश्तेदार है।

इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर पैसों की जरूरत बताकर उनसे रकम ट्रांसफर करने को कहा। भरोसे में आकर राणा मोहिंदर प्रताप ने पैसे भेज दिए। बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि जिस व्यक्ति से बातचीत हुई थी, वह उनका रिश्तेदार नहीं था और उनके साथ साइबर ठगी की गई है।

इस मामले में कथित तौर पर 98,935 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी की पहचान और रकम के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है।

जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर धमकाया

तीसरा मामला अशोक गार्डन निवासी गीतेश गणेश का है। शिकायत के मुताबिक, उन्हें एक आरोपी ने ऑनलाइन संपर्क किया और खुद को कथित तौर पर किसी जांच एजेंसी से जुड़ा हुआ बताया।

आरोपी ने कथित तौर पर गीतेश को धमकाया कि वह एक मामले में फंस सकते हैं। डर और दबाव का माहौल बनाकर आरोपी ने उनसे पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने आरोपी के दबाव में आकर 88 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में जब उन्हें संदेह हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो उन्होंने मामले की शिकायत की। साइबर सेल से ई-जीरो एफआईआर मिलने के बाद अयोध्या नगर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

अलग-अलग तरीकों से बनाया जा रहा निशाना

तीनों मामलों में साइबर अपराध का तरीका अलग-अलग नजर आ रहा है। पहले मामले में पहचान छिपाकर भरोसा हासिल करने की कोशिश की गई, दूसरे में रिश्तेदार बनकर भावनात्मक भरोसे का फायदा उठाया गया, जबकि तीसरे मामले में कथित तौर पर जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर डर और कानूनी कार्रवाई का भय पैदा किया गया।

साइबर अपराधियों द्वारा इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल लगातार किया जाता रहा है। ठग फोन कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से संपर्क कर उनकी निजी जानकारी हासिल करने या सीधे रकम ट्रांसफर कराने का प्रयास करते हैं।

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच

अयोध्या नगर पुलिस तीनों मामलों में अलग-अलग डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है। पुलिस के सामने सबसे अहम चुनौती ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाना और संबंधित खातों तक पहुंचना है। इसके लिए बैंक लेन-देन, मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खाते किसी एक गिरोह से जुड़े हैं या अलग-अलग आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने, फोन पर बैंकिंग या निजी जानकारी साझा नहीं करने और धमकी मिलने की स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

खास तौर पर यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर तत्काल पैसे जमा करने का दबाव बनाए, तो पहले उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।

फिलहाल अयोध्या नगर पुलिस ने तीनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और ठगी की रकम किस नेटवर्क तक पहुंची।

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