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पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। भारी बारिश के बीच एक महिला का अंतिम संस्कार खुले स्थान पर प्लास्टिक की शीट के सहारे करना पड़ा। श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने के कारण परिवार और ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह घटना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के दानी पुरवा गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त को गांव में एक महिला की मृत्यु हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए जब परिवार और ग्रामीण पहुंचे तो उस समय तेज बारिश हो रही थी। बारिश से बचाने के लिए लोगों ने चिता के ऊपर प्लास्टिक की शीट तानकर किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
गुरुवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तेज बारिश के बीच कुछ लोग चिता के ऊपर प्लास्टिक की शीट पकड़े हुए हैं, ताकि बारिश का पानी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में बाधा न बने।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से श्मशान घाट की समस्या बनी हुई है। बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में उचित श्मशान स्थल और छत की व्यवस्था होती तो ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
मधयप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोरा अंतर्गत मजरा दानीपुरवा में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने के कारण एक महिला के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटना 29 अगस्त 2026 की बताई जा रही है।
— खुरपेंच बुंदेलखंड (@Khurpenchbundel) September 2, 2026
जानकारी के अनुसार… pic.twitter.com/AHqq1KXLSL
परिजनों और ग्रामीणों को खराब मौसम के बीच खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश के कारण लकड़ियां भीगने और चिता जलाने में परेशानी आने की आशंका थी। ऐसे में ग्रामीणों ने मिलकर प्लास्टिक शीट का सहारा लिया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी आज भी बड़ी समस्या बनी हुई है। श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधा का अभाव लोगों के लिए दुख की घड़ी में और परेशानी बढ़ा देता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द श्मशान घाट की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी जरूरी प्रक्रिया के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है।
पन्ना जिले के कई ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती रहती हैं। खराब सड़क, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में विकास कार्यों के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर कई जरूरी सुविधाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान करना चाहिए।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन का ध्यान भी इस मामले की ओर गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की जांच के बाद ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाट जैसी सुविधाएं केवल विकास का हिस्सा नहीं बल्कि सामाजिक जरूरत भी हैं। बारिश और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन स्थानों पर छत और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं होना आवश्यक है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर बहस शुरू कर दी है। अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील स्थिति में परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना करना बेहद पीड़ादायक माना जा रहा है।
दानी पुरवा गांव की इस घटना ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है कि ग्रामीण इलाकों में जरूरी सुविधाओं को मजबूत किया जाए। लोगों का कहना है कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के लिए ऐसी कठिन परिस्थितियों से नहीं गुजरना चाहिए।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में गांव में श्मशान घाट और बारिश से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।





