मध्य प्रदेश

खाद्य मिलावट के खिलाफ सख्ती: Indore में बड़े पैमाने पर निरीक्षण

Kavita2
1 July 2026 10:30 AM IST
खाद्य मिलावट के खिलाफ सख्ती: Indore में बड़े पैमाने पर निरीक्षण
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए राज्य में सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान स्कूलों, डेयरियों, मसाला इकाइयों, नमकीन उद्योगों और मिठाई की दुकानों में गहन जांच की गई और कुल 64 खाद्य नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए।

प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जाकर खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की और नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

खंडवा रोड स्थित क्वींस कॉलेज में भी निरीक्षण किया गया, जहां दाल, राजमा, बेसन और आटे के चार नमूने लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप है या नहीं।

इसके अलावा चोइथराम स्कूल में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच की गई। यहां स्वच्छता रेटिंग, कीट नियंत्रण व्यवस्था और जल परीक्षण का मूल्यांकन किया गया, जो संतोषजनक पाया गया। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए।

शिकायतों के आधार पर भी कई प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया गया। इनमें बाबा कुल्फी, यादव डेयरी फार्म और शर्मा कॉस्मेटिक एंड किराना शामिल हैं। इन स्थानों से मिठाइयों, डेयरी उत्पादों और नमकीन के कई नमूने एकत्र किए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली के तहत भी कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान कृष्णा मिल्क प्रोडक्ट्स, एलआईटी मसाले, कृष्णा डेयरी स्वीट्स और प्रकाश नमकीन उद्योग जैसे उच्च जोखिम वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इसे और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग का लक्ष्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक शामिल हो सकती है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराएं।

स्थानीय लोगों ने इस अभियान का स्वागत किया है और कहा है कि मिलावट के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से बाजार में शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ी है।

प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है और आम जनता का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सकता है।

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