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मध्य प्रदेश
इंदौर में दूषित पानी से हालात गंभीर, 350 से अधिक लोग बीमार
SHIDDHANT
3 Jan 2026 11:31 PM IST

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Indore इंदौर: दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संकट बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सा अधिकारी (सीएचएमओ) माधव हसानी ने बताया कि अब तक इस घटना के कारण लगभग 350 मरीज अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। इनमें से लगभग 205 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 149 मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इन मरीजों में से 13 की हालत गंभीर होने के कारण आईसीयू में भर्ती हैं। सीएचएमओ हसानी ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत छोटे अस्पतालों में भी प्रत्येक मरीज की व्यक्तिगत जांच की गई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई मरीज अनदेखा न रह जाए और सभी को समय पर इलाज मिले।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और उपचार प्रक्रिया
माधव हसानी ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों का इलाज नियमित रूप से किया जा रहा है। आईसीयू में भर्ती मरीजों की हालत स्थिर है, और उन्हें सभी आवश्यक दवाइयाँ और जीवनरक्षक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों में डायग्नोस्टिक जांच और चिकित्सकीय टीम की लगातार निगरानी जारी है। छोटे और ग्रामीण अस्पतालों में भी विशेष टीमों को भेजा गया है, ताकि मरीजों की विस्तृत स्क्रीनिंग और आवश्यक इलाज सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम अस्पतालों में मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
जनता के लिए चेतावनी और सुरक्षा उपाय
सीएचएमओ हसानी ने नागरिकों से अपील की है कि वे दूषित पानी का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि फिलहाल पेयजल स्रोतों की जांच और सफाई अभियान चल रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों में पानी की गुणवत्ता की सैंपलिंग और रूटीन टेस्टिंग की जा रही है। हसानी ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति बुखार, उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याओं का अनुभव करता है, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में रिपोर्ट करे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय हैं और आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जाएगी।
दूषित पानी की समस्या का कारण और जांच
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दूषित पानी की समस्या के कारणों का पता लगाने के लिए जल आपूर्ति और पाइपलाइन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि कुछ क्षेत्रों में पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और गंदगी के कारण जल स्रोत दूषित हुए हैं।
जिला प्रशासन ने शहर के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए साफ पानी के टैंकर और फिल्टर वॉटर प्वाइंट्स स्थापित किए हैं। इसके अलावा, नागरिकों को उबालकर पानी पीने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी हॉस्पिटल और क्लिनिक मरीजों की स्थिति पर रिपोर्टिंग जारी रखें। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम मिलकर सभी मरीजों के लिए उचित दवा और उपचार सुनिश्चित कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी स्कूलों, होटलों और रेस्तरां में पानी की गुणवत्ता की जाँच शुरू कर दी है। सभी नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।
भविष्य के कदम और जागरूकता अभियान
सीएचएमओ हसानी ने कहा कि दूषित पानी के मामलों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमित जल परीक्षण आवश्यक है। विभाग ने शहरवासियों के लिए पानी सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया है।
उन्होंने बताया कि पानी की गुणवत्ता पर निगरानी, आपातकालीन मेडिकल टीम की तैनाती और उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही, विभाग ने यह आश्वासन दिया कि सभी मरीजों को समय पर इलाज और निगरानी उपलब्ध कराई जाएगी।
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