मध्य प्रदेश

SIR के खिलाफ मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन, ग्वालियर-इंदौर में CEC के इस्तीफे की मांग

Kavita2
30 Sept 2026 3:34 PM IST
SIR के खिलाफ मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन, ग्वालियर-इंदौर में CEC के इस्तीफे की मांग
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भोपाल। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बुधवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। ग्वालियर में कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

ग्वालियर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल बने हुए हैं। ये आरोप कांग्रेस के हैं और चुनाव आयोग की ओर से विभिन्न मौकों पर SIR को मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया बताया गया है।


प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब कुछ कार्यकर्ता परिसर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाने या पार करने का प्रयास किया। इसके चलते कुछ समय के लिए पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कलेक्टर कार्यालय के संवेदनशील हिस्से की ओर जाने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई।

ग्वालियर के साथ इंदौर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए और SIR प्रक्रिया को रोकने तथा पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस का यह विरोध केवल ग्वालियर और इंदौर तक सीमित नहीं है। पार्टी ने SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई है। कांग्रेस नेतृत्व ने जिला और स्थानीय स्तर तक विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।

इससे एक दिन पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी SIR का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया रोकने, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई थी। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राज्य, जिला और बूथ स्तर तक आंदोलन चलाने की घोषणा की थी।

कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और बदलाव से जुड़ी जानकारी पर्याप्त पारदर्शिता के साथ उपलब्ध नहीं कराई गई। पार्टी ने मतदाता सूची से संबंधित डेटा राजनीतिक दलों के लिए आसानी से उपलब्ध कराने और गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है।

दूसरी तरफ चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने और गलत या पुरानी प्रविष्टियों को ठीक करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। आयोग ने हाल में उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त SIR घोषणा हटा दी है, जहां यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव पूर्ण आयोग की बैठक के बाद किया गया।

SIR को लेकर विवाद अब राष्ट्रीय स्तर की राजनीति का हिस्सा बन चुका है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने भी इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए बुधवार को बैठक बुलाई। बैठक का एजेंडा SIR से जुड़े आरोपों, चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर संयुक्त कार्यक्रम तय करना था।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया लोकतांत्रिक चुनाव व्यवस्था का आधार है और इसमें किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। पार्टी का तर्क है कि यदि बड़ी संख्या में नाम जोड़ने या हटाने जैसी कार्रवाई होती है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

वहीं SIR को लेकर चल रहे विवाद का एक पहलू न्यायिक प्रक्रिया से भी जुड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें SIR से जुड़े कुछ फैसलों और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत इस मामले पर सुनवाई करने वाली है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक अभियान की कड़ी माने जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश इस मुद्दे को जिला स्तर तक ले जाकर कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से जोड़ने की है।

ग्वालियर में बैरिकेडिंग को लेकर बनी स्थिति के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। कलेक्टर कार्यालय के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

इंदौर में भी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक SIR से जुड़े सवालों का समाधान नहीं किया जाता।

फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज होता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इसे पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जोड़कर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग मतदाता सूचियों के नियमित सुधार और सत्यापन को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा बताता रहा है।

ग्वालियर और इंदौर में बुधवार के प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि मध्य प्रदेश में भी SIR का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से गर्म रह सकता है। कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं, जबकि प्रशासन ऐसे प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है।

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