मध्य प्रदेश

दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से पहले MP में कांग्रेस नेताओं की धरपकड़

Kavita2
12 Oct 2026 12:03 PM IST
दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से पहले MP में कांग्रेस नेताओं की धरपकड़
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भोपाल/श्योपुर। दिल्ली में सोमवार को INDIA गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। खबरों के मुताबिक, श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। कई नेताओं को उनके घरों और दफ्तरों से हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली में होने वाले विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

श्योपुर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष को घर से हिरासत में लिया

जानकारी के मुताबिक, श्योपुर जिले में पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मांगीलाल फौजी को उनके घर से हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि मांगीलाल फौजी दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान श्योपुर कोतवाली पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया।

इसके अलावा श्योपुर जिले के बड़ौदा इलाके में भी कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि उसके नेताओं को राजनीतिक कार्यक्रम में भाग लेने से रोका जा रहा है।


मुरैना और भिंड में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई

श्योपुर के अलावा मुरैना और भिंड जिलों से भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, इन जिलों में भी कई पार्टी पदाधिकारी दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की कुल संख्या तथा कार्रवाई के कानूनी आधार के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को कब तक रखा जाएगा।

तीन जिलों में हुई इस कार्रवाई को कांग्रेस ने राजनीतिक विरोध प्रदर्शन से जोड़ते हुए राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए दिल्ली जा रहे थे।

जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने से रोक रही है।

पटवारी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा है। कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे नेताओं को हिरासत में लेना उचित नहीं है।

इस मामले में कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित पुलिस अधिकारियों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हिरासत की कार्रवाई के पीछे पुलिस द्वारा बताए गए कारणों की पुष्टि होना बाकी है।

'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन

दरअसल, INDIA गठबंधन ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है।

विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। कांग्रेस सहित गठबंधन के अन्य दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

इसी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही कुछ नेताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने की खबरों ने राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि 'वोट चोरी' के आरोप विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

पुलिस की कार्रवाई से राजनीतिक विवाद गहराया

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब विपक्ष चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि उसके नेता शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहे थे। पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर उन्हें यात्रा करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है।

दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लेने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया।

तीन जिलों की कार्रवाई पर सबकी नजर

श्योपुर, मुरैना और भिंड में हुई कार्रवाई के बाद अब कांग्रेस नेताओं की हिरासत और उनकी रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। विशेष रूप से श्योपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मांगीलाल फौजी को हिरासत में लिए जाने का मामला चर्चा में है।

दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई ने एक साथ कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर प्रदर्शन में बाधा डालने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की ओर से कार्रवाई के कारणों पर विस्तृत जानकारी आना बाकी है।

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