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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट और शाहबेरी क्षेत्र में लंबे समय से जाम की समस्या से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शाहबेरी में डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दो मंजिला सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन आसान हो सकेगा। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र भेजा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पूरी योजना पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
तीन प्राधिकरण मिलकर करेंगे परियोजना पर काम
शाहबेरी डबल डेकर रोड परियोजना को नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सहयोग से आगे बढ़ाने की योजना है। तीनों प्राधिकरण निर्माण खर्च साझा करेंगे। परियोजना का प्रारंभिक अनुमान तैयार किया जा चुका है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के अनुसार, परियोजना के संबंध में एनएचएआई को पत्र भेजा गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक मूर्ति गोल चक्कर से शाहबेरी तक बनेगी दो मंजिला सड़क
प्रस्तावित योजना के मुताबिक एलिवेटेड रोड एक मूर्ति गोल चक्कर से शुरू होगी। शाहबेरी नाले तक इसका निर्माण डबल डेकर स्वरूप में किया जाएगा। इसके आगे सड़क को सिंगल डेकर एलिवेटेड रोड के रूप में विकसित करने की योजना है।
यह मार्ग 130 मीटर रोड को शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नए कॉरिडोर के बनने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय कारोबारियों के लिए सफर सुविधाजनक हो सकता है।
आने और जाने के लिए अलग-अलग मंजिल
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डबल डेकर डिजाइन होगा। प्रस्ताव के अनुसार सड़क की पहली एलिवेटेड मंजिल का इस्तेमाल ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद जाने वाले वाहनों के लिए किया जाएगा, जबकि दूसरी मंजिल गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित होगी।
एलिवेटेड सड़क की चौड़ाई लगभग 9 से 10 मीटर प्रस्तावित है। नीचे की मौजूदा सड़क स्थानीय यातायात के लिए उपलब्ध रहेगी।
इस व्यवस्था से अलग-अलग दिशाओं में चलने वाले वाहनों का दबाव कम करने और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
शाहबेरी में क्यों जरूरी है डबल डेकर रोड?
शाहबेरी ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यहां आवासीय सोसायटियों के विस्तार और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात का दबाव लगातार बना रहता है।
सुबह कार्यालय और स्कूल जाने के समय तथा शाम को घर लौटने के दौरान इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। संकरी सड़क और स्थानीय यातायात के कारण कई बार वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्राधिकरण ने पहले सामान्य एलिवेटेड रोड बनाने पर विचार किया था, लेकिन उपलब्ध सड़क की चौड़ाई सीमित होने के कारण डबल डेकर विकल्प को प्राथमिकता दी गई। जुलाई 2026 में सामने आई व्यवहार्यता संबंधी जानकारी में भी सीमित जगह को इस डिजाइन की प्रमुख वजह बताया गया था।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रेटर नोएडा वेस्ट को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बेहतर तरीके से जोड़ना भी है।
नई सड़क बनने के बाद शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और एनएच-9 की तरफ जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त शाहबेरी नाले के किनारे से तिगरी के पास 60 मीटर चौड़ी सड़क तक संपर्क विकसित करने की योजना भी प्रस्ताव में शामिल है। इससे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच आवाजाही बेहतर हो सकती है।
पहले चरण के प्रस्ताव को मिल चुकी है मंजूरी
सितंबर 2026 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने डबल डेकर कॉरिडोर से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। उस समय पहले चरण के लिए लगभग 756.01 करोड़ रुपये की लागत बताई गई थी।
हालांकि ताजा रिपोर्ट में विस्तारित योजना की अनुमानित लागत करीब 1,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना की अंतिम लागत और निर्माण अवधि डीपीआर तथा आगे की स्वीकृतियों के बाद स्पष्ट होगी।
स्थानीय निवासियों और कारोबारियों को होगा फायदा
डबल डेकर रोड बनने से केवल वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। यातायात सुचारु होने पर सामान की आवाजाही आसान हो सकती है और बाजारों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
साथ ही सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बसों और आपातकालीन सेवाओं को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है।
हालांकि निर्माण शुरू होने के बाद यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना संबंधित एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
निर्माण कब शुरू होगा?
फिलहाल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और संबंधित औपचारिकताओं को आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
प्राधिकरण की योजना इस परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की है। यदि प्रस्तावित रोड का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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