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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बालाघाट दौरे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर काबू पाने के बाद अब कांग्रेस के नेता चुनावी फायदे के लिए बालाघाट का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसके नेताओं ने इस क्षेत्र की ओर ध्यान क्यों नहीं दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए लगातार काम किया और अब हालात में बदलाव आने के बाद कांग्रेस के नेता बालाघाट पहुंच रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र का दौरा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी, तब उसके नेताओं को यहां आकर लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अब जब हमने नक्सलियों को खत्म कर दिया है, तो ये वोट के भूखे लोग बालाघाट जाएंगे। जब आपकी सरकार सत्ता में थी, तब आपको वहां जाना चाहिए था। यह हमारी सरकार है; आप पूरे राज्य में घूम सकते हैं, लेकिन कुछ नहीं होने वाला। हमारी सरकार ने कांग्रेस के शासनकाल में हुई गलतियों को एक-एक करके सुधारा है।"
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नक्सलवाद और बालाघाट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। यादव ने अपने बयान के जरिए यह दावा करने की कोशिश की कि भाजपा सरकार ने उन समस्याओं के समाधान पर काम किया, जिन्हें कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पर्याप्त रूप से नहीं सुलझाया गया था।
बालाघाट मध्य प्रदेश के उन क्षेत्रों में शामिल रहा है, जहां नक्सली गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि सरकार के प्रयासों के बाद स्थिति में बदलाव आया है और अब विपक्षी नेता क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
मोहन यादव ने कांग्रेस के शासनकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय कई समस्याओं को नजरअंदाज किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार उन गलतियों को एक-एक करके सुधार रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक भाजपा सरकार राज्य में सुरक्षा और विकास दोनों विषयों पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं के प्रदेश दौरे पर भी कटाक्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता पूरे राज्य में घूम सकते हैं, लेकिन इससे कोई राजनीतिक बदलाव होने वाला नहीं है। उनके इस बयान को कांग्रेस के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। दोनों दल विभिन्न मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं। भाजपा जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों और सुरक्षा से जुड़े कदमों को सामने रख रही है, वहीं कांग्रेस लगातार सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने अपने बयान में मुख्य रूप से नक्सल समस्या को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि जब क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों की चुनौती अधिक थी, उस समय कांग्रेस नेताओं को बालाघाट की चिंता करनी चाहिए थी। अब स्थिति में सुधार होने के बाद वहां जाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का कोई फायदा नहीं होगा।
मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर पिछली सरकारों की गलतियों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार उन समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाना है।
राजनीतिक रूप से देखें तो बालाघाट का मुद्दा सुरक्षा के साथ ही अब सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। राहुल गांधी के दौरे के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान के जरिए कांग्रेस को यह चुनौती भी दी कि उसके नेता प्रदेश में कहीं भी जाकर राजनीतिक कार्यक्रम कर सकते हैं, लेकिन इससे भाजपा सरकार के कामकाज और जनता के बीच उसके समर्थन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार कांग्रेस के शासनकाल की कमियों को दूर करते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
फिलहाल राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की टिप्पणी से मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की कार्रवाई को प्रमुखता से सामने रखा है, वहीं कांग्रेस के दौरे को चुनावी राजनीति से जोड़कर उस पर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
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