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भोपाल। मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस और आर्मी डे 2027 से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत के अवसर पर रविवार, 1 नवंबर को राजधानी भोपाल के शौर्य स्मारक में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'संकल्प वृक्ष' का पौधरोपण कर प्रदेश की एकता, देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस वृक्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसके रोपण के लिए मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों के गांवों, कस्बों और शहरों से 'मेरी माटी' अभियान के अंतर्गत एकत्रित मिट्टी का उपयोग किया गया। भारतीय सेना और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की संयुक्त पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सैन्य परंपराओं, राष्ट्रीय एकता और युवाओं में देशसेवा की भावना को विशेष महत्व दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शौर्य स्मारक परिसर में संकल्प वृक्ष का पौधरोपण करते हुए इस पहल को प्रदेश की सामूहिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। अलग-अलग जिलों से लाई गई मिट्टी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद पूरा मध्य प्रदेश एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। संकल्प वृक्ष को प्रदेशवासियों की सामूहिक भावना, देश के प्रति समर्पण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि संकल्प वृक्ष के लिए प्रदेश के सभी 55 जिलों से मिट्टी एकत्रित की गई। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कस्बों और शहरों की मिट्टी भी शामिल थी। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले की भागीदारी सुनिश्चित करना और राज्य की विविधता को एक साझा प्रतीक के माध्यम से प्रदर्शित करना था। एक ही वृक्ष की जड़ों में अलग-अलग स्थानों की मिट्टी का उपयोग प्रदेश की एकजुटता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना और एनसीसी द्वारा आयोजित सैन्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के साहस, शौर्य, सामरिक क्षमताओं, आधुनिक हथियारों और तकनीकी विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से सेना की बदलती कार्यप्रणाली और आधुनिक रक्षा तकनीकों की जानकारी देने का प्रयास किया गया।
भारतीय सेना की सैन्य प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को देश की रक्षा व्यवस्था से परिचित कराना भी था। आधुनिक सैन्य उपकरणों और तकनीकी विकास से जुड़ी जानकारी के माध्यम से यह बताया गया कि बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारतीय सेना अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। रक्षा क्षेत्र में तकनीक, प्रशिक्षण और अनुशासन की भूमिका भी इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सैन्य प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए भारतीय सेना की वीरता और देश की सुरक्षा में उसके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया। शौर्य स्मारक जैसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रमुखता से सामने रखा।
भोपाल का शौर्य स्मारक देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति को समर्पित है। यह स्थल नागरिकों को भारतीय सेना के त्याग, साहस और बलिदान की याद दिलाता है। यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के सैन्य इतिहास और सैनिकों के योगदान से परिचित कराना भी है। ऐसे में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर संकल्प वृक्ष का रोपण और सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन विशेष महत्व रखता है।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख पहलू आर्मी डे 2027 से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत भी रहा। भारतीय सेना प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाती है। यह दिन भारतीय सेना के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 15 जनवरी 1949 को जनरल के.एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला था। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में सेना दिवस मनाया जाता है।
आर्मी डे से जुड़े आयोजनों के माध्यम से सेना की उपलब्धियों, सैनिकों के योगदान और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को नागरिकों के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सेना के प्रति रुचि बढ़ाने और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। एनसीसी देश के युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने वाला प्रमुख संगठन है। भारतीय सेना के साथ मिलकर आयोजित इस पहल ने युवाओं को राष्ट्रीय एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया। पौधरोपण केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रतीक भी है। संकल्प वृक्ष के माध्यम से प्रदेश की एकता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया।
मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। वर्ष 2026 में राज्य अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे कर 71वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को याद किया जा रहा है। स्थापना दिवस राज्य के नागरिकों को अपनी साझा पहचान और भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का भी अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा शौर्य स्मारक में लगाया गया संकल्प वृक्ष इसी भावना का प्रतीक बनकर सामने आया है। प्रदेश के सभी जिलों की मिट्टी से रोपा गया यह वृक्ष एकता, देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को एक साथ जोड़ता है।
भारतीय सेना और एनसीसी की संयुक्त पहल पर आयोजित कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस को विशेष स्वरूप प्रदान किया। एक ओर संकल्प वृक्ष के माध्यम से प्रदेश की सामूहिक पहचान को सम्मान दिया गया, वहीं दूसरी ओर सैन्य प्रदर्शनी ने भारतीय सेना के शौर्य और आधुनिक क्षमताओं को सामने रखा। यह आयोजन प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और देशसेवा के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





