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सिंगरौली में CM मोहन यादव ने लगाया पौधा, विकास और शिक्षा पर दिया जोर

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को सिंगरौली स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) कैंपस में पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास की सरकार की योजनाओं पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण को बचाने और हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पौधारोपण को केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक कदम बताया।
इस मौके पर सीएम यादव ने सिंगरौली जिले की सराहना करते हुए इसे प्राकृतिक संसाधनों और बौद्धिक क्षमता से समृद्ध क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला न केवल प्राकृतिक रूप से बल्कि प्रतिभा के मामले में भी काफी आगे है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन की भी प्रशंसा की और कहा कि यहां के युवा लगातार बेहतर परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सिंगरौली की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और यह आने वाले समय में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
#WATCH | Madhya Pradesh CM Mohan Yadav plants a sapling at the National Thermal Power Corporation (NTPC) campus in Singrauli
— ANI (@ANI) May 24, 2026
He says, "Our district is naturally and intellectually rich... Five out of every top ten performers come from this district... Master plan is being… pic.twitter.com/ZgBU2BMJTG
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा, “हमारा जिला कुदरती और दिमागी तौर पर बहुत अमीर है। हर टॉप दस परफॉर्मर में से पाँच इसी जिले से आते हैं।” उनके इस बयान से स्थानीय प्रतिभा को लेकर सरकार की सकारात्मक सोच भी झलकती है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को विकास के मॉडल से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, NTPC के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने पौधारोपण अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस पहल को क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में सिंगरौली को और अधिक हरित और विकसित बनाने की दिशा में सहायक होगा।





