मध्य प्रदेश

पुलिस स्मृति दिवस पर CM मोहन यादव ने शहीद जवानों को किया नमन

Ratna Netam
21 Oct 2026 2:41 PM IST
पुलिस स्मृति दिवस पर CM मोहन यादव ने शहीद जवानों को किया नमन
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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस जवानों का योगदान सराहनीय और अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक परिसर में विशेष परेड का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परेड की सलामी ली और कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को नमन किया। समारोह में मध्य प्रदेश के नौ शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की टुकड़ियां, होमगार्ड, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल और श्वान दल ने हिस्सा लिया। पुलिस बैंड की देशभक्ति धुनों के बीच शहीद जवानों को सम्मान दिया गया।
1959 के वीर जवानों की शहादत को किया याद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि हर साल 21 अक्टूबर को देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन वीर पुलिसकर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।उन्होंने बताया कि वर्ष 1959 में भारत-चीन सीमा पर चीनी सैनिकों के हमले में भारतीय पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। उस घटना में शहीद हुए जवानों की याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। इसके बाद से हर वर्ष देशभर में कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की भूमिका को सराहा
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियानों में पुलिसकर्मियों की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का दौर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। इस दौरान पुलिस जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अनेक बलिदान दिए।उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में पुलिस बल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। जवानों के साहस और समर्पण के कारण नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को मजबूती मिली है।मुख्यमंत्री ने उन पुलिसकर्मियों को भी याद किया, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान अपने प्राण गंवाए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर जवानों का बलिदान प्रदेश कभी नहीं भूल सकता।
पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण की प्रशंसा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में समाज और देश की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों की रोकथाम और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने तक पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से समाज को देशसेवा की सीख मिलती है।
शहीद परिवारों के योगदान को भी किया याद
पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीद जवानों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके परिवारों के त्याग और संघर्ष को सम्मान देने का भी दिन है। देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार भी इस बलिदान में सहभागी होते हैं।समारोह के दौरान शहीद जवानों की स्मृतियों को नमन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान के कारण देश और प्रदेश के नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर पाते हैं।राज्य स्तरीय समारोह में पुलिस बल की अनुशासित परेड और शहीदों को अर्पित श्रद्धांजलि के माध्यम से देशसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान का संदेश दिया गया।
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