मध्य प्रदेश

CM मोहन यादव ने उद्योगपतियों से किया निवेश का आह्वान

Kavita2
28 Oct 2026 5:54 PM IST
CM मोहन यादव ने उद्योगपतियों से किया निवेश का आह्वान
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इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों से बड़े पैमाने पर निवेश करने का आह्वान किया है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'मध्य प्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों को निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को किफायती आवास, आधुनिक परिवहन, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल को महानगरीय क्षेत्रों के रूप में विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश में शहरी विकास की गति और तेज होगी।

उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री की अपील, शहरी विकास में बढ़ाएं निवेश


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और शहरी क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे आवास, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन और अन्य शहरी सेवाओं में निवेश करें।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

सरकार का प्रयास है कि शहरी विकास केवल बड़ी इमारतों और सड़कों तक सीमित न रहे, बल्कि इससे आम नागरिकों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आए।

उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इंदौर-उज्जैन और भोपाल को महानगरीय क्षेत्र बनाने की तैयारी

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल के महानगरीय विकास की योजनाओं पर विशेष जोर दिया।

सरकार इन क्षेत्रों में परिवहन, आवास, औद्योगिक गतिविधियों और शहरी सुविधाओं का योजनाबद्ध विस्तार करना चाहती है।

इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर संपर्क सुविधाएं विकसित होने से उद्योग, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

इसी तरह भोपाल महानगरीय क्षेत्र में शहरी विस्तार और आधुनिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है।

इन योजनाओं का उद्देश्य शहरों के आसपास के क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

आम लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी को देखते हुए किफायती आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

शहरों में रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ने से आवास की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से आवास निर्माण को प्रोत्साहित करना चाहती है।

कॉन्क्लेव में किफायती आवास नीति से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

प्रस्तावित नीति के माध्यम से आवास परियोजनाओं को बढ़ावा देने और जरूरतमंद परिवारों के लिए घर उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य शहरी विकास के साथ आवासीय सुविधाओं का संतुलित विस्तार करना है।

इंदौर आर्थिक क्षेत्र के लिए 2047 तक का मास्टर प्लान जारी

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने 'इंदौर इकोनॉमिक रीजन 2047' का आर्थिक मास्टर प्लान जारी किया। यह योजना नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार की गई है।

इसका उद्देश्य इंदौर और आसपास के जिलों में उद्योग, परिवहन, आवास तथा आर्थिक गतिविधियों का समन्वित विकास करना है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2047 तक अकेले इंदौर आर्थिक क्षेत्र में 20 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गलियारों के आसपास नई टाउनशिप और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने से छोटे शहरों को भी विकास के अवसर मिलेंगे।

100 मंजिला इमारतों के निर्माण का भी खुल सकता है रास्ता

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास से जुड़े निर्माण नियमों में बदलाव का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त सड़क चौड़ाई और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले स्थानों पर 100 मंजिल तक की इमारतों के निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था की जा रही है।

इसके लिए फ्लोर एरिया रेशियो यानी एफएआर में अधिक लचीलापन प्रदान करने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ऊंची इमारतों के निर्माण से सीमित शहरी भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा और कृषि भूमि पर शहरी विस्तार का दबाव कम किया जा सकेगा। हालांकि, ऐसी परियोजनाएं लागू भवन नियमों और आवश्यक अनुमतियों के अधीन होंगी।

शहरी विकास से जुड़ी तीन नई नीतियों के मसौदे जारी

कार्यक्रम में राज्य सरकार ने तीन महत्वपूर्ण नीतियों के मसौदे भी जारी किए। इनमें मध्य प्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति 2026, उपचारित अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग नीति 2026 तथा एकीकृत भूमि विकास एवं भवन प्रोत्साहन नियम 2026 शामिल हैं।

इन प्रस्तावों का उद्देश्य शहरों में आवास सुविधाएं बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और निर्माण क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास को प्रोत्साहित करना है।

इसके अलावा भोपाल और इंदौर नगर निगमों की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट भी जारी की गई।

निवेश को बढ़ावा देने के लिए छह समझौते

कॉन्क्लेव में शहरी वित्तपोषण, संसाधन प्रबंधन और संस्थागत सहयोग से संबंधित छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

इनमें इंदौर नगर निगम और बैंक ऑफ इंडिया, उज्जैन विकास प्राधिकरण और इंडियन ओवरसीज बैंक तथा रीवा नगर निगम और एचडीएफसी बैंक के बीच समझौते शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें भी कीं। इनमें शहरी परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

इंदौर-भोपाल-जबलपुर कॉरिडोर से एक लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर-भोपाल-जबलपुर औद्योगिक कॉरिडोर को प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हो सकता है।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के निःशुल्क पंजीकरण से जुड़ी स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, संपत्तियों के दस्तावेज तैयार होने से ग्रामीण परिवारों को बैंक ऋण प्राप्त करने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

रोजगार और आधुनिक सुविधाओं पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरों को केवल आवासीय क्षेत्रों के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के मजबूत केंद्रों के रूप में तैयार किया जा रहा है।

सरकार की योजनाओं में बेहतर परिवहन, आधुनिक टाउनशिप, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और निजी निवेश को प्रमुखता दी गई है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि योजनाबद्ध शहरीकरण से बड़े महानगरों के साथ छोटे शहरों को भी लाभ मिलेगा।

अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में प्रस्तुत योजनाएं मध्य प्रदेश के शहरी विकास की दीर्घकालीन दिशा तय करने का प्रयास हैं। हालांकि, इनका वास्तविक लाभ निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और रोजगार सृजन की प्रगति पर निर्भर करेगा।

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