मध्य प्रदेश

गणेश पंडाल में करंट की चपेट में आया 11वीं का छात्र, इलाज के दौरान मौत

Kavita2
24 Sept 2026 3:54 PM IST
गणेश पंडाल में करंट की चपेट में आया 11वीं का छात्र, इलाज के दौरान मौत
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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में गणेश उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। धनवंतरी नगर स्थित जसुजा सिटी फेज-3 में बुधवार रात गणेश पंडाल के पास बिजली के खंभे में कथित तौर पर करंट आने से 16 वर्षीय छात्र उसकी चपेट में आ गया। गंभीर हालत में छात्र को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।

मृतक की पहचान 16 वर्षीय शौर्य चनपुरिया के रूप में हुई है। शौर्य लिटिल वर्ल्ड स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह बुधवार रात गणेश पंडाल में आयोजित महा-आरती में शामिल होने गया था। आरती समाप्त होने के बाद जब वह घर लौट रहा था, तभी पंडाल के पास लगे बिजली के खंभे के संपर्क में आ गया।

खंभे के संपर्क में आते ही गिर पड़ा छात्र

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गणेश पंडाल के पास लगे एक खंभे में किसी कारण से बिजली का करंट आ गया था। शौर्य जैसे ही खंभे के संपर्क में आया, उसे तेज बिजली का झटका लगा और वह मौके पर ही गिर पड़ा।

अचानक हुई इस घटना से पंडाल के आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने छात्र को बचाने का प्रयास किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। गंभीर हालत को देखते हुए उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने शौर्य को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

महा-आरती से लौट रहा था शौर्य

जानकारी के अनुसार, जसुजा सिटी फेज-3 में गणेश उत्सव के तहत पंडाल लगाया गया था। बुधवार रात यहां महा-आरती का आयोजन हुआ था। आसपास रहने वाले लोग और बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। शौर्य भी महा-आरती में शामिल हुआ था।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह घर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान पंडाल के पास लगे खंभे के संपर्क में आने से उसे बिजली का झटका लग गया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया। शौर्य को जमीन पर गिरा देखकर लोग उसकी मदद के लिए पहुंचे।

घटना के बाद पंडाल के आसपास बिजली व्यवस्था और वायरिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खंभे में करंट किस कारण आया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अस्पताल में नहीं बच सकी जान

शौर्य को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। बिजली का तेज झटका लगने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

16 वर्षीय छात्र की मौत से उसके परिवार को गहरा सदमा लगा है। जिस बेटे के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर पहुंचने से मातम पसर गया। परिचितों और आसपास के लोगों में भी घटना को लेकर दुख और चिंता है।

11वीं कक्षा में पढ़ता था छात्र

शौर्य चनपुरिया लिटिल वर्ल्ड स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था। कम उम्र में अचानक हुई उसकी मौत से स्कूल से जुड़े लोगों को भी झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके परिचित और स्थानीय लोग परिवार के पास पहुंचे।

गणेश उत्सव के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गया किशोर कुछ देर बाद इस तरह हादसे का शिकार हो जाएगा, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।

खंभे में करंट कैसे आया, बड़ा सवाल

घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पंडाल के पास लगे खंभे में बिजली का करंट कैसे आया। गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में रोशनी, सजावट, लाउडस्पीकर और अन्य उपकरणों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन और तारों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बिजली सुरक्षा से जुड़े इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

इस मामले में खंभे तक करंट किस तार या उपकरण के कारण पहुंचा, इसकी तकनीकी जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वायरिंग में खराबी, खुले तार या किसी अन्य कारण की संभावना की जांच की जा सकती है।

घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पंडाल में की गई बिजली व्यवस्था और आसपास मौजूद उपकरणों की जांच महत्वपूर्ण होगी। यह भी देखा जा सकता है कि आयोजन स्थल पर बिजली से सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गणेश उत्सव के दौरान शहर में कई स्थानों पर पंडाल लगाए जाते हैं और बड़ी संख्या में लोग दर्शन तथा आरती के लिए पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में बिजली की सुरक्षित व्यवस्था आवश्यक होती है। खासतौर पर खुले स्थानों पर लगे लोहे के खंभों, सजावटी लाइटों और खुले तारों से दुर्घटना का खतरा रहता है।

जसुजा सिटी फेज-3 की घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में बिजली सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। पंडालों में इस्तेमाल होने वाले तारों और उपकरणों की नियमित जांच तथा करंट लीकेज से बचाव के इंतजाम ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

जांच के बाद साफ होगी हादसे की वजह

फिलहाल शौर्य की मौत के मामले में घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाना बाकी है कि खंभे में करंट कहां से आया और बिजली व्यवस्था में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई थी।

हादसे के समय मौजूद लोगों के बयान और घटनास्थल की जांच से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। तकनीकी जांच से बिजली के करंट के स्रोत का पता चलने की उम्मीद है।

जबलपुर में गणेश उत्सव की खुशियों के बीच हुई इस घटना ने एक परिवार से उसका 16 वर्षीय बेटा छीन लिया। महा-आरती में शामिल होकर घर लौट रहे शौर्य की बिजली का झटका लगने से हुई मौत के बाद इलाके में मातम पसरा है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

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