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सरकारी स्कूल की किताबें धूप में सुखाते दिखे बच्चे, धार में वीडियो वायरल

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में सरकारी प्राथमिक स्कूल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था और स्कूली किताबों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो सूरजपुरा गांव का बताया जा रहा है। इसमें सरकारी स्कूल की सैकड़ों किताबें स्कूल परिसर के बाहर खुले में जमीन पर रखी दिखाई दे रही हैं। बच्चों को इन किताबों को उठाते और उनके पन्ने पलटते हुए भी देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि किताबों को धूप में सुखाने के लिए बाहर रखा गया था।
वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में बड़ी संख्या में किताबें एक खुले स्थान पर फैली हुई नजर आ रही हैं। किताबों के आसपास स्कूली बच्चे मौजूद हैं। बच्चे एक-एक करके किताबों को उठाते हैं और कुछ समय बाद उनके पन्ने पलटते हुए दिखाई देते हैं, ताकि किताबों में मौजूद नमी अच्छी तरह निकल सके और वे धूप में सूख जाएं।
खुले में रखी गईं सैकड़ों किताबें
धार के शासकीय स्कूल का देखिए हाल
— SKY (@ysatyandra) September 4, 2026
धूप में मासूम छात्र सुखा रहे हैं किताब!
इन किताबों को बारिश ने नहीं, लापरवाही ने भीगो दिया! pic.twitter.com/HdjJ6jZBBk
वायरल वीडियो में किताबों की संख्या काफी अधिक दिखाई दे रही है। कई किताबें जमीन पर एक साथ फैलाई गई हैं, जबकि कुछ किताबों को बच्चे उठाकर अलग-अलग स्थानों पर रखते नजर आ रहे हैं। वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि किताबों को किसी कारण से नमी लग गई थी और उन्हें धूप में सुखाने की कोशिश की जा रही थी।
हालांकि किताबों में नमी आने की वजह क्या थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। यह भी साफ नहीं है कि किताबें बारिश या किसी अन्य कारण से गीली हुई थीं या उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से नहीं रखा गया था। घटना से जुड़े इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
बच्चे भी जुटे किताबें सुखाने में
वीडियो का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा यह है कि किताबों को सुखाने के काम में स्कूली बच्चे भी लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। बच्चे जमीन पर रखी किताबों को उठाते हैं और उनके पन्ने पलटते हैं। समय-समय पर किताबों को दूसरी दिशा में करने की कोशिश भी करते दिखाई देते हैं, जिससे धूप सभी पन्नों तक पहुंच सके।
स्कूल की किताबें बच्चों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक सामग्री होती हैं। ऐसे में उनके खुले में जमीन पर रखे जाने और बच्चों द्वारा उन्हें धूप में सुखाए जाने की तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद लोग स्कूल में किताबों के रखरखाव और व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बारिश या नमी से खराब होने का खतरा
स्कूली किताबों को लंबे समय तक खुले में रखने से उनके खराब होने की आशंका बनी रहती है। धूप में सुखाने के दौरान भी अगर किताबों को उचित तरीके से नहीं संभाला जाए तो उनके पन्ने खराब हो सकते हैं। इसके अलावा खुले स्थान पर धूल-मिट्टी और अन्य कारणों से भी किताबों को नुकसान पहुंच सकता है।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री आसानी से मिल सके। ऐसे में किताबों की सुरक्षा और उनका उचित रखरखाव स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
गुरुवार को वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर स्कूल की इतनी बड़ी संख्या में किताबें खुले में क्यों रखी गई थीं और उन्हें सुखाने की जरूरत क्यों पड़ी। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि किताबों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूल में पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।
हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना के पीछे की पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती। किताबें किन परिस्थितियों में गीली हुईं, उन्हें कब से सुखाया जा रहा था और बच्चों को इस काम में क्यों लगाया गया—इन सभी बिंदुओं की वास्तविक जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी नजर
घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि किताबें बारिश या पानी के कारण गीली हुई थीं, तो यह जानना जरूरी होगा कि उन्हें सुरक्षित रखने के लिए स्कूल में क्या व्यवस्था थी। वहीं यदि किताबें किसी अन्य वजह से खराब हुईं, तो उसके कारणों की भी पड़ताल की जानी चाहिए।
स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों और अन्य शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उचित भंडारण व्यवस्था जरूरी होती है। खासकर बारिश के मौसम में किताबों को नमी से बचाना और उन्हें ऊंचे तथा सुरक्षित स्थान पर रखना आवश्यक माना जाता है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
सूरजपुरा गांव की इस घटना ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री की देखभाल को लेकर बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरों ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन घटना की पूरी वास्तविकता सामने आने के लिए संबंधित अधिकारियों की जांच जरूरी है।
फिलहाल वीडियो में सैकड़ों किताबें खुले में जमीन पर रखी दिखाई दे रही हैं और बच्चे उन्हें धूप में सुखाते नजर आ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और किताबों के खुले में रखे जाने के पीछे वास्तविक कारण क्या सामने आता है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए उपलब्ध जरूरी शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों में पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं।





