मध्य प्रदेश

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजा पत्र

Admin Delhi 1
22 May 2023 11:57 AM GMT
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजा पत्र
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भोपाल न्यूज़: बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सामने गत सप्ताह किए गए निरीक्षण के दौरान संरक्षित किशोर और तीन किशोरियों के आश्रम में नहीं होने का मामला सामने आया है. इन बच्चों को आश्रम से छोड़ने या बाहर कहीं भेजने के संबंध में प्रबंधन द्वारा बाल कल्याण समितियों (सीडब्लूसी) को भी जानकारी नहीं दी गई. बच्चों के अनाधिकृत पलायन के मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर को संस्था के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराते हुए कार्रवाई से अवगत कराने निर्देशित किया है. इस संबंध में आयोग सदस्य द्वारा कलेक्टर दीपक आर्य को पत्र भेजा गया है.

मप्र बाल अधिकार संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य ओंकार सिंह द्वारा कलेक्टर को लिखे गए पत्र के अनुसार 8 मई 2023 को आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा सदस्यों के साथ सेंट फ्रांसिस सेवा धाम का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के बाद आश्रम से एक किशोर को 2019 में बाल कल्याण समिति को अवगत कराए बिना ही विमुक्त करने का मामला सामने आया है. आश्रम प्रबंधन द्वारा यह जानकारी निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष से छिपाई गई. इसके अलावा आश्रम को बाल कल्याण समिति छतरपुर द्वारा सौंपी गई किशोरियां भी आश्रम में नहीं हैं. इसकी जानकारी भी सेवाधाम आश्रम प्रबंधन नहीं दी गई. छतरपुर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) द्वारा इन बालिकाओं के आश्रम में नहीं होने पर सागर बाल कल्याण समिति को प्रतिवेदन के संबंध में पत्र लिखा गया है. आयोग सदस्य ने कलेक्टर को लिखी चिट्ठी में आश्रम से बिना बाल कल्याण समिति की जानकारी के बच्चों को अन्यत्र भेजने, विमुक्त करने के मामले में संस्था की लापरवाही और किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन बताया है. उन्होंने किशोर को विमुक्त करने पर कैंट पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश देते हुए किशोरियों के मामले में बाल कल्याण समिति को गुमराह करने पर आश्रम पर अपराध दर्ज कराते हुए प्रतिवेदन आयोग को भेजने का आग्रह किया है.

बाल कल्याण समिति छतरपुर द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत सितम्बर 2021 को तीन किशोरियों व उनमें से दो के बच्चों को सेवाधाम आश्रम में संरक्षित किया गया था. इन किशोरियों के आश्रम से पलायन की सूचना समिति को पिछले दिनों मिली थी. जिसके बाद समिति द्वारा इस संबंध में प्रतिवेदन न भेजने, घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने और आश्रम द्वारा समिति की ओर से संपर्क करने के बाद भी बात नहीं करने पर नाराजगी जताई है. बाल कल्याण समिति छतरपुर के अध्यक्ष जगदीश सोनी ने इसको लेकर बाल कल्याण समिति सागर के अध्यक्ष को बालिकाओं के संबंध में प्रतिवेदन छतरपुर भेजने पत्र लिखा है.

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