मध्य प्रदेश

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण

Kavita2
20 Aug 2026 1:49 PM IST
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण
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उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने निर्माण और विकास कार्यों को गति देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को उज्जैन पहुंचे और शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ की दृष्टि से सड़क चौड़ीकरण के कार्यों का जायजा लेने के साथ ही ₹134.97 करोड़ की लागत से तैयार किए जा रहे नए प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री के उज्जैन दौरे के दौरान अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने उन्हें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण की प्रगति, निर्धारित कार्ययोजना और आगामी चरणों में किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की समय-सारिणी और गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की।

नए प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को भवन के वर्क प्लान और प्रस्तावित निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉम्प्लेक्स में प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाओं और व्यवस्थाओं का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से भवन के प्रत्येक चरण में होने वाले कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों के अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क, यातायात और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के कार्य इसी व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिससे भविष्य में बढ़ने वाले यातायात के दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए कि नए प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक प्रशासनिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था हो। भवन की योजना बनाते समय भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद भवन लंबे समय तक प्रशासनिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों में निर्माण गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता पर विशेष जोर रहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का समय रहते समाधान किया जाए। इससे सिंहस्थ 2028 से पहले सभी जरूरी परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत आधारभूत ढांचे के विकास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। सड़क चौड़ीकरण, प्रशासनिक भवनों का निर्माण और अन्य जरूरी सुविधाओं के विस्तार से शहर की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

गुरुवार को हुए निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति को देखा और अधिकारियों से सीधे जानकारी लेकर प्रगति का आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तय लक्ष्य के अनुसार निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्धता तीनों पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सरकार की ओर से किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर की प्रशासनिक एवं यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण और निर्देशों के बाद संबंधित विभागों तथा निर्माण एजेंसियों पर परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

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