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Chhindwara : नदी पार करते समय महिला ने दिया बच्चे को जन्म

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : छिंदवाड़ा जिले में रविवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लगातार बारिश के कारण रास्ते बाधित होने से एक 35 वर्षीय गर्भवती महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी और उसे नदी पार करते समय ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, महिला प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद अस्पताल ले जाई जा रही थी, लेकिन भारी बारिश के चलते गांव का संपर्क मुख्य सड़क से कट गया था। नदी में पानी का स्तर बढ़ने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाकर नदी पार कराने का फैसला किया, ताकि किसी तरह उसे अस्पताल पहुंचाया जा सके।
A woman gave birth while being carried on a cot across a river in Madhya Pradesh’s Chhindwara district after ambulances failed to reach her remote hamlet, with local residents saying the area remains cut off during the rainy season as repeated demands for a bridge a proper road… pic.twitter.com/EGMLxf1yD6
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) June 29, 2026
इसी दौरान नदी पार करते समय महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और उसे रास्ते में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल उसकी सहायता की और मां तथा नवजात की देखभाल की। बाद में दोनों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आगे ले जाया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर नदी पार करा रहे हैं, जबकि वह प्रसव पीड़ा से गुजर रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और मानसून के दौरान परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। उनका आरोप है कि हर साल मानसून के दौरान गांव का संपर्क मुख्य सड़क से टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में एम्बुलेंस अक्सर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में ऐसी स्थायी व्यवस्था की जाए जिससे बरसात के दौरान भी आवागमन बाधित न हो। उनका कहना है कि पुल, बेहतर सड़क और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, हालांकि ऐसी परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थिति का जायजा लिया गया है।
यह घटना एक बार फिर उन ग्रामीण इलाकों की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है, जहां प्राकृतिक परिस्थितियां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करना और मानसून से पहले आवश्यक बुनियादी ढांचे को तैयार करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल मां और नवजात की स्थिति को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन से ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि किसी भी गर्भवती महिला या मरीज को इलाज के लिए इस तरह की कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।





