मध्य प्रदेश

ग्वालियर कमला राजा अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरा, ढाई महीने का बच्चा घायल

Kavita2
13 Aug 2026 1:31 PM IST
ग्वालियर कमला राजा अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरा, ढाई महीने का बच्चा घायल
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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सरकारी कमला राजा अस्पताल में गुरुवार को एक लापरवाही से जुड़ा मामला सामने आया। अस्पताल के बच्चों के वार्ड में छत से प्लास्टर का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से ढाई महीने का एक बच्चा घायल हो गया। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और भवन की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना कमला राजा अस्पताल के बाल रोग वार्ड में हुई। वार्ड में भर्ती ढाई महीने का बच्चा उपचार के लिए मौजूद था, तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। प्लास्टर का हिस्सा बच्चे के पैर पर गिरने से उसे चोट लग गई। घटना के बाद वार्ड में मौजूद परिजनों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

बच्चे के घायल होने के बाद अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और भवन के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि लगातार बारिश के कारण भवन में सीलन आ गई होगी, जिससे छत का प्लास्टर कमजोर होकर गिर गया। अधिकारियों ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कराया जाएगा।

कमला राजा अस्पताल ग्वालियर का एक प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर बच्चों और महिलाओं के उपचार के लिए यह अस्पताल महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बच्चों के वार्ड में इस तरह की घटना सामने आने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

परिजनों ने अस्पताल भवन की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां छोटे बच्चों का इलाज हो रहा है, वहां सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि अस्पताल की पुरानी इमारतों की नियमित जांच कराई जाए और समय रहते मरम्मत का काम पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में केवल चिकित्सा सेवाएं ही नहीं, बल्कि भवन की सुरक्षा भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। अस्पतालों में भर्ती मरीज पहले ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे होते हैं, ऐसे में भवन से जुड़ी कोई भी लापरवाही उनके लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकती है।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने वार्ड की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि जहां भी भवन में खराबी होगी, उसे जल्द ठीक कराया जाएगा। साथ ही अस्पताल के अन्य हिस्सों की भी जांच कराने की बात कही गई है, ताकि किसी अन्य स्थान पर ऐसी समस्या सामने न आए।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच भवनों के रखरखाव और सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

जानकारों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुराने भवनों में सीलन और कमजोर निर्माण सामग्री के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अस्पताल प्रशासन को मानसून से पहले ही भवनों का सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए।

फिलहाल बच्चे की हालत पर अस्पताल प्रबंधन नजर बनाए हुए है। वहीं, घटना की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्लास्टर गिरने की असली वजह क्या थी और भवन के रखरखाव में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।

कमला राजा अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर मरीजों की सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने की जरूरत को सामने ला दिया है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द आवश्यक कदम उठाकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में काम करेगा।

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