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Gwalior सेंट्रल जेल सुपरिटेंडेंट को ब्लैकमेल करने का मामला

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ब्लैकमेल किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी ने कथित तौर पर जेल के अंदर के संवेदनशील वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर बड़ी रकम की मांग की है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
शिकायत के अनुसार, जेल सुपरिटेंडेंट विदित सरवैया को एक अनजान मोबाइल नंबर से लगातार कॉल और व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसके पास जेल परिसर के अंदर के कई संवेदनशील वीडियो क्लिप मौजूद हैं। अपने दावे को साबित करने के लिए आरोपी ने सुपरिटेंडेंट को चार वीडियो भी भेजे।
इसके बाद आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसकी आर्थिक मांग पूरी नहीं की गई, तो वह ये वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को भेज देगा, जिससे जेल प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। आरोपी ने बातचीत के दौरान पैसे देने के लिए समयसीमा भी तय की और दबाव बनाने की कोशिश की।
जांच में सामने आया है कि जब जेल सुपरिटेंडेंट ने आरोपी से जेल परिसर में आकर बातचीत करने को कहा, तो उसने वहां आने से इनकार कर दिया। इसके बजाय उसने सुपरिटेंडेंट को ग्वालियर के गांधी रोड स्थित एक रेस्ट हाउस में मिलने के लिए बुलाया। इससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब सुपरिटेंडेंट ने आरोपी से पैसों की मांग का स्पष्ट विवरण पूछा, तो आरोपी ने सीधे जवाब देने के बजाय एक “हथेली वाला इमोजी” भेज दिया, जिसे बड़ी रकम की मांग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस पूरी बातचीत और धमकी भरे संदेशों के बाद जेल सुपरिटेंडेंट ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को दी, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उस मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप अकाउंट की तकनीकी जांच कर रही है, जिससे यह धमकी दी गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें न केवल ब्लैकमेलिंग शामिल है, बल्कि जेल की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े मुद्दे भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है।
जेल प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो किस तरह से और कहां से प्राप्त किए गए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है और आरोपी की तलाश जारी है। इस घटना ने जेल सुरक्षा और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।





