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Bhanwarkuan में 22 लाख के लोन धोखाधड़ी का मामला, बैंक मैनेजर समेत दो पर केस दर्ज

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भंवरकुआं इलाके में लोन धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक बैंक मैनेजर समेत दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति के नाम पर 22 लाख रुपये का लोन मंजूर कर लिया गया और उसकी जानकारी के बिना ही इस रकम का कथित रूप से उपयोग भी किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला शिकायतकर्ता नवीन कुमार सोनी से जुड़ा है, जो लोधीपुरा क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके परिचित आशीष अग्रवाल ने उन्हें ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर संतोष श्रीवास्तव से मिलवाया था। इसके बाद उन्हें ओवरड्राफ्ट (OD) लोन दिलाने का आश्वासन दिया गया।
शिकायत में कहा गया है कि बैंक मैनेजर संतोष श्रीवास्तव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया आसान है और लोन जल्दी स्वीकृत हो जाएगा। इसके लिए उनसे एक करंट अकाउंट खुलवाया गया और सिक्योरिटी के तौर पर उनकी पत्नी की प्रॉपर्टी के दस्तावेज जमा कराने को कहा गया।
नवीन कुमार सोनी का आरोप है कि उनकी पत्नी की प्रॉपर्टी की सेल डीड (बिक्री विलेख) बैंक में जमा कराई गई थी। इसके साथ ही लोन प्रक्रिया के नाम पर उनसे कई चेक और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। उनका कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि इन दस्तावेजों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 5 जून को जब वे सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट लेने और अपने प्रॉपर्टी के दस्तावेज वापस लेने बैंक पहुंचे, तो उन्हें एक बड़ा झटका लगा। बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी की संपत्ति के आधार पर पहले ही 22 लाख रुपये का ओवरड्राफ्ट लोन मंजूर किया जा चुका है।
इस जानकारी के बाद पीड़ित ने तुरंत मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर बैंक मैनेजर संतोष श्रीवास्तव और आशीष अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दस्तावेजों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लोन प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही बैंक रिकॉर्ड, हस्ताक्षर और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में बैंकिंग प्रक्रियाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों से आम लोगों का भरोसा बैंकिंग सिस्टम पर कमजोर होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





