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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : उज्जैन जिले में जमीन विवाद के दौरान किसानों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोप में कांग्रेस के पूर्व सदस्य रहे एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोमवार को सामने आए एक वीडियो के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार यह घटना 18 जून को महिदपुर क्षेत्र के इसानखेड़ी तिराहा के पास हुई थी। मामला उस समय सामने आया जब जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता गोविंद सेन, जो डेलचीबुज़ुर्ग गांव के निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि वह अपने खेत में रखा चारा इकट्ठा करने गए थे, तभी पूर्व कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि प्रताप सिंह गुर्जर दो अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने जेसीबी मशीन लगाकर खेत के पास गड्ढा खोदने का काम शुरू कर दिया।
उज्जैन
— Prime News (@PrimeNewsInd) June 29, 2026
उज्जैन महिदपुर में जमीन विवाद के दौरान कांग्रेस नेता प्रताप सिंह गुर पर किसानों को पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर
जांच शुरू कर दी है वहीं प्रताप सिंह गुर ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा… pic.twitter.com/Y1NQC1aNv9
इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर एक व्यक्ति ने किसानों को पिस्तौल दिखाकर धमकाया। सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति के हाथ में पिस्तौल जैसी वस्तु दिखाई दे रही है। वीडियो में वह रिकॉर्डिंग कर रहे व्यक्ति से यह भी कहता सुनाई देता है कि “हाँ, वीडियो ले लो,” और इसके बाद वह मोबाइल फोन छीनने की कोशिश करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद लंबे समय से जमीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर चल रहा था, जो समय-समय पर तनाव का कारण बनता रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जिस वस्तु को वीडियो में हथियार के रूप में दिखाया गया है, वह वास्तविक आग्नेयास्त्र है या नहीं।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि दबंगई और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर खेत की जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर, आरोपी पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था को किसी भी हालत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और विवादित जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और स्थिति की समीक्षा की जा रही है। मामले को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
फिलहाल, वीडियो के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।





