मध्य प्रदेश

झिरी नाले में बही कार, 11 लोग सवार

Kavita2
10 Aug 2026 2:35 PM IST
झिरी नाले में बही कार, 11 लोग सवार
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देवास/राजगढ़। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के बीच सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। देवास जिले के सतवास क्षेत्र के दूरस्थ आदिवासी बहुल गांव धांसड़ के लोगों से भरी एक कार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील के पड़ाना क्षेत्र में झिरी नाले के तेज बहाव में बह गई। बताया गया कि कार में कुल 11 लोग सवार थे और सभी लाखनपुर तथा कड़लावद धाम की यात्रा पर जा रहे थे।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज बहाव के कारण कार के नाले में बह जाने की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई। हादसे की सूचना संबंधित प्रशासन और पुलिस को दी गई। इसके बाद राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की गई।

धांसड़ गांव से यात्रा पर निकले थे लोग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देवास जिले के सतवास क्षेत्र में स्थित आदिवासी बहुल गांव धांसड़ से कुछ लोग कार में सवार होकर धार्मिक यात्रा के लिए निकले थे। उनका उद्देश्य लाखनपुर और कड़लावद धाम जाना था।

यात्रा के दौरान सोमवार सुबह कार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील के पड़ाना क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान उन्हें झिरी नाला पार करना था। नाले में बारिश के कारण पानी का बहाव तेज था। इसके बावजूद कार नाले के रास्ते आगे बढ़ी और तेज बहाव की चपेट में आ गई।

देखते ही देखते पानी का दबाव बढ़ा और कार बहने लगी। वाहन में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों को घटना का पता चला तो उन्होंने मदद की कोशिश शुरू की।

तेज बहाव बना हादसे की वजह

बारिश के मौसम में छोटे-बड़े नालों और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ जाता है। पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि कुछ ही समय में सामान्य दिखने वाला रास्ता तेज बहाव वाले जलमार्ग में बदल सकता है।

झिरी नाले में भी सोमवार सुबह पानी का बहाव तेज था। इसी दौरान कार के नाले में प्रवेश करने के बाद वाहन पानी के दबाव में बह गया।

ऐसे स्थानों पर प्रशासन की ओर से अक्सर लोगों को पानी का बहाव कम होने तक रास्ता पार न करने की सलाह दी जाती है। तेज बहाव में वाहन लेकर नाला पार करना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

11 लोगों के सवार होने से बढ़ी चिंता

कार में 11 लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आने के बाद हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रियों की स्थिति जानने का प्रयास शुरू किया।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मदद करने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन को भी सूचना दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल को सक्रिय किया गया।

फिलहाल हादसे में सवार सभी लोगों की स्थिति और उन्हें सुरक्षित निकाले जाने से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

ग्रामीणों ने जताई चिंता

घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल रहा। ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान कई रास्तों पर जलभराव और तेज बहाव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में आवागमन को लेकर खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में नालों और रपटों पर पानी बढ़ने के बाद वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। विशेष रूप से ऐसे मार्गों पर जहां ग्रामीणों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था जरूरी है।

धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ हादसा

कार में सवार लोग धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार और परिचितों को चिंता में डाल दिया। घटना की जानकारी गांव तक पहुंचने के बाद वहां भी लोगों की भीड़ जमा होने लगी और सभी लोग यात्रियों की कुशलता की जानकारी लेने में जुट गए।

लाखनपुर और कड़लावद धाम की यात्रा पर निकले लोगों को यह उम्मीद नहीं रही होगी कि रास्ते में उन्हें इस तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।

बारिश में नदी-नालों को लेकर सावधानी जरूरी

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के दौरान नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क या रपट पार करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेज बहाव वाले पानी में वाहन का संतुलन आसानी से बिगड़ सकता है। पानी की गहराई कम दिखाई देने पर भी बहाव इतना तेज हो सकता है कि वाहन को अपनी चपेट में ले ले।

इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों को ऐसे रास्तों से बचने और पानी का स्तर कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई। राहत एवं बचाव से जुड़ी टीमों को भी सक्रिय किया गया।

अब प्रशासन की प्राथमिकता कार में सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घटनास्थल पर राहत कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करना है। हादसे की परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी कि तेज बहाव के बावजूद कार नाले में कैसे पहुंची।

सोमवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए जोखिम लेने से बचना होगा।

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