मध्य प्रदेश

इंदौर में RE-2 रोड प्रोजेक्ट पर बुलडोजर एक्शन

Kavita2
9 Oct 2026 4:20 PM IST
इंदौर में RE-2 रोड प्रोजेक्ट पर बुलडोजर एक्शन
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम ने RE-2 रोड प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी। नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य में बाधा बन रहे 130 घरों को हटाने के लिए मौके पर पहुंची। पिछली कार्रवाई के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह का हंगामा न हो।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 4.25 किलोमीटर लंबी RE-2 सड़क के आखिरी एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराना है। इस परियोजना पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित हिस्से में बाधाओं के कारण सड़क का काम अधूरा पड़ा हुआ था। नगर निगम की टीम अब इस लंबित हिस्से को खाली कराने के लिए कार्रवाई कर रही है।

लगातार दूसरे दिन बुलडोजर लेकर पहुंची टीम

शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को हटाने की कार्रवाई दोबारा शुरू की। इससे पहले गुरुवार को भी नगर निगम की टीम ने इसी परियोजना के तहत कार्रवाई की थी। लगातार दूसरे दिन अभियान जारी रहने से स्पष्ट है कि प्रशासन सड़क के लंबित हिस्से को खाली कराने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

RE-2 रोड प्रोजेक्ट लंबे समय से अधूरा पड़ा है। सड़क की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर है, लेकिन आखिरी एक किलोमीटर हिस्से में बाधाएं होने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा था। अब नगर निगम इस हिस्से को खाली कराने के लिए संबंधित मकानों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है।

अभियान के तहत कुल 130 घरों को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। नगर निगम की टीम बुलडोजर की मदद से निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर रहे ढांचों को हटाने में जुटी हुई है।

पिछली पत्थरबाजी के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई

इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। पिछली बार अभियान के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने शुक्रवार को किसी भी तरह के विवाद या हंगामे को रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी।

नगर निगम और प्रशासन की टीम ने कार्रवाई के दौरान स्थिति पर नजर रखी। सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

लंबे समय से अटके सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा के लिए तैनात कर्मियों की संख्या और कार्रवाई के दौरान किसी नई अप्रिय घटना के बारे में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

55 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी अधूरा पड़ा था प्रोजेक्ट

RE-2 रोड परियोजना पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया था। बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच आखिरी एक किलोमीटर हिस्से में बाधाएं बनी हुई थीं, जिसके कारण परियोजना लंबे समय से लंबित थी।

सड़क की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर है। ऐसे में आखिरी एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराना परियोजना को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नगर निगम की मौजूदा कार्रवाई का मकसद इसी हिस्से में मौजूद बाधाओं को हटाना है, ताकि सड़क निर्माण का काम पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

परियोजना पर खर्च हुई बड़ी राशि और लंबे समय से इसके अधूरे रहने के कारण अब इस हिस्से को खाली कराने की कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, सड़क का निर्माण कब तक पूरा होगा, इसकी समयसीमा के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद

तोड़फोड़ की कार्रवाई की निगरानी के लिए नगर निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इनमें नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, एडिशनल कमिश्नर अभय रजांगोनकर और एसडीएम घनश्याम धनगर शामिल थे।

अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान की निगरानी की गई। कार्रवाई का उद्देश्य सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को हटाकर लंबित हिस्से को खाली कराना है। पिछली बार पत्थरबाजी की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी।

नगर निगम की टीम लगातार दूसरे दिन बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और निर्धारित कार्रवाई को आगे बढ़ाया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान की निगरानी किए जाने से प्रशासन का ध्यान कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर रहा।

RE-2 रोड का आखिरी हिस्सा खाली कराने पर जोर

इंदौर में RE-2 रोड प्रोजेक्ट का लंबित हिस्सा खाली कराने के लिए नगर निगम का अभियान जारी है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन 130 घरों को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। परियोजना की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर है और इसके आखिरी एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

अब तक लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क अधूरी रहने के कारण नगर निगम इस हिस्से में मौजूद बाधाओं को हटाने में जुटा है। पिछली पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं।

फिलहाल, इस अभियान के जरिए नगर निगम लंबे समय से अटके सड़क प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। कार्रवाई पूरी होने और सड़क निर्माण दोबारा आगे बढ़ने के बाद ही परियोजना को पूरा करने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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