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बंडा शराब त्रासदी के बाद बुलडोजर कार्रवाई, संदिग्ध का अवैध निर्माण और ढाबे का हिस्सा ध्वस्त

भोपाल : सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई त्रासदी के बाद अवैध शराब के कारोबार और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। शनिवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने बहेरिया क्षेत्र में एक संदिग्ध से जुड़े रिसॉर्ट के कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा अवैध शराब बेचने के आरोपों से घिरे ‘सत्यम’ ढाबे के सरकारी जमीन पर बने हिस्से को भी हटाया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिद्धार्थ कुशवाहा एक रिसॉर्ट का संचालन करते हैं और जहरीली शराब की घटना से जुड़े मामलों में संदिग्ध हैं। संबंधित रिसॉर्ट में चिह्नित अवैध निर्माण को शनिवार की कार्रवाई के दौरान गिरा दिया गया। हालांकि मामले में कुशवाहा की भूमिका और उनके खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
कार्रवाई के दौरान बहेरिया इलाके में स्थित सत्यम ढाबे के निर्माण की भी जांच की गई। पुलिस का कहना है कि ढाबे पर पहले भी कथित रूप से अवैध शराब बेचे जाने से जुड़े मामले दर्ज हुए हैं। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने इसके कथित अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के समय सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों और पुलिस की टीम मौजूद रही।
बंडा शराबकांड के बाद लगातार कार्रवाई
बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन ने जिले में अवैध शराब के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किया है। घटना के बाद शराब के स्रोत, आपूर्ति, बिक्री और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में शराब नेटवर्क के तार अलग-अलग स्थानों से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
घटना के बाद प्रशासन ने शराब की दुकानों, ढाबों, होटलों और रिसॉर्ट पर निगरानी बढ़ाई है। जांच का दायरा केवल शराब की बिक्री तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि भवन निर्माण की अनुमति, भूमि के व्यावसायिक उपयोग, खाद्य सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जा रहे हैं।
सिद्धार्थ कुशवाहा से जुड़े रिसॉर्ट पर कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ कुशवाहा शराब त्रासदी से जुड़े एक प्रकरण में संदिग्ध हैं। उनके द्वारा संचालित बताए जा रहे रिसॉर्ट में अवैध निर्माण चिह्नित होने के बाद ध्वस्तीकरण किया गया। इससे पहले संबंधित प्रतिष्ठान को नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, शराब मामले में सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन ने उनके कथित पाथवे रिट्रीट रिसॉर्ट सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की थी।
शनिवार की कार्रवाई भवन के उस हिस्से पर केंद्रित रही, जिसे प्रशासन ने अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित किया था। कार्रवाई किन राजस्व दस्तावेजों, निर्माण अनुमति या अन्य नियमों के आधार पर की गई, इसकी विस्तृत प्रशासनिक जानकारी सामने आना बाकी है।
सत्यम ढाबे का अवैध हिस्सा हटाया
बहेरिया क्षेत्र में सत्यम ढाबे के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, यह ढाबा कथित रूप से अवैध शराब बेचने के लिए बदनाम रहा है और इसके विरुद्ध पहले भी मामले दर्ज किए जा चुके हैं। शनिवार को सरकारी जमीन पर बने इसके कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
इससे पहले प्रशासन की संयुक्त टीम ने सत्यम ढाबा रेस्टोरेंट एंड रेसीडेंसी की जांच की थी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिष्ठान मौके पर रेस्टोरेंट संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका था। खाद्य सुरक्षा टीम ने वहां से पनीर और तुअर दाल के नमूने भी लिए थे।
प्रशासन ने पाथवे रिट्रीट रिसॉर्ट, होटल जलसा एंड रेस्टोरेंट, सत्यम ढाबा रेस्टोरेंट एंड रेसीडेंसी, सुरुचि होटल और हाईवे हब सहित पांच प्रतिष्ठानों को कथित नियम उल्लंघन के कारण अस्थायी रूप से सील किया था। इनमें अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, व्यावसायिक भूमि उपयोग और स्वीकृत नक्शे जैसे दस्तावेजों की जांच की गई थी।
सरकारी जमीन से हटाया गया निर्माण
प्रशासन की कार्रवाई का एक प्रमुख हिस्सा सरकारी जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाना है। हाईवे और प्रमुख मार्गों के आसपास बने ढाबों, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भूमि तथा निर्माण संबंधी स्थिति की जांच की जा रही है।
जिन प्रतिष्ठानों का निर्माण स्वीकृत सीमा से बाहर या सरकारी जमीन पर मिला, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी 20 से अधिक ढाबों और अन्य निर्माणों को हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई में अस्थायी दुकानों और ठेलों को भी हटाया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के साथ सुरक्षा और राजस्व नियमों के उल्लंघन को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों की जांच अभी जारी
शराब त्रासदी के बाद की कार्रवाई में पुलिस अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की पूरी शृंखला का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शराब कहां तैयार हुई, किस माध्यम से पहुंचाई गई और किन लोगों ने इसे बेचा—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सिद्धार्थ कुशवाहा और सत्यम ढाबे से संबंधित आरोप अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। अवैध निर्माण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को आपराधिक प्रकरण में दोष सिद्ध होने से अलग देखा जाना चाहिए। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने और न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने का अधिकार है।
शनिवार को हुई कार्रवाई से प्रशासन ने संकेत दिया है कि जहरीली शराब की घटना के बाद अवैध शराब के कारोबार के साथ अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर अभियान जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर अन्य संदिग्धों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।





