मध्य प्रदेश

भारत भवन में बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल शुरू

Kavita2
11 Oct 2026 10:39 AM IST
भारत भवन में बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल शुरू
x

भोपाल। शहर के भारत भवन में शनिवार को बच्चों की चहल-पहल, रंग-बिरंगी कलाकृतियों और कहानियों की दुनिया ने खास माहौल बना दिया। यहां दो दिवसीय ‘बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल होने पहुंचे। संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस साहित्यिक उत्सव के पहले दिन बच्चों को लेखकों, चित्रकारों और कहानीकारों से रूबरू होने का अवसर मिला।

उत्सव के शुरुआती दिन से ही भारत भवन का परिसर बच्चों की उत्सुकता और रचनात्मक गतिविधियों से जीवंत नजर आया। देश-विदेश से आए लेखकों, चित्रकारों और कहानीकारों के दिलचस्प सत्रों ने बच्चों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में साहित्य के साथ कला और कल्पनाशीलता को भी विशेष जगह दी गई। बच्चों ने अलग-अलग गतिविधियों में भाग लिया और कहानियों के माध्यम से नई दुनिया को जानने का अवसर पाया।

दो दिवसीय उत्सव का पहला दिन

बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल दो दिनों तक आयोजित किया जा रहा है। शनिवार को इसका पहला दिन था। संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों और उनके अभिभावकों की भागीदारी देखने को मिली।

इस उत्सव का केंद्र बच्चों का साहित्य, चित्रांकन और कहानी सुनने-सुनाने की परंपरा रही। कार्यक्रम में देश और विदेश के लेखकों, चित्रकारों तथा कहानीकारों के सत्र रखे गए, जिनके माध्यम से बच्चों को साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर मिला।

बच्चों के लिए आयोजित ऐसे कार्यक्रम पढ़ने की रुचि विकसित करने के साथ उनकी कल्पनाशक्ति को भी प्रोत्साहित करते हैं। भारत भवन में आयोजित इस उत्सव के पहले दिन बच्चों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।

25×8 फीट की विशाल डूडल वॉल बनी आकर्षण

फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण भारत भवन के आंगन में बनाई गई 25×8 फीट की विशाल ‘डूडल वॉल’ रही। अपने बड़े आकार और रंग-बिरंगे स्वरूप के कारण इसने बच्चों का ध्यान खींचा।

डूडल वॉल जैसी कलात्मक गतिविधियां बच्चों को अपनी कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर देती हैं। इस तरह की दीवारें बच्चों की रचनात्मकता और कला के प्रति रुचि को सामने लाने का माध्यम बन सकती हैं।

आंगन में बनाई गई विशाल डूडल वॉल ने साहित्यिक आयोजन में कला का रंग भी जोड़ा। बच्चों और अभिभावकों के लिए यह उत्सव का खास आकर्षण रही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि डूडल वॉल पर चित्र बनाने के लिए सभी बच्चों को आमंत्रित किया गया था या इसके निर्माण में किन कलाकारों ने भाग लिया।

लेखकों और कहानीकारों के सत्रों ने बढ़ाई रौनक

उत्सव के पहले दिन देश-विदेश से आए लेखकों, चित्रकारों और कहानीकारों के सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से बच्चों को साहित्य की अलग-अलग विधाओं और कहानी कहने के तरीकों से परिचित होने का अवसर मिला।

बच्चों के साहित्यिक उत्सवों में कहानियां केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि उनके जरिए बच्चे नए विचारों, पात्रों और अनुभवों से भी परिचित होते हैं। लेखकों और चित्रकारों से संवाद करने से बच्चों को यह समझने का अवसर मिलता है कि कहानियां कैसे लिखी जाती हैं और चित्रों के जरिए विचारों को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है।

भारत भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन सत्रों ने पहले दिन को खास बनाया। बच्चों की उत्सुकता और साहित्यिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी से परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

बच्चों के लिए साहित्य और कला का मंच

बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल बच्चों को किताबों, कहानियों और चित्रकला की दुनिया से जोड़ने वाला आयोजन है। इसमें साहित्य के साथ रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया गया है। भारत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ भाग लिया और विभिन्न सत्रों का हिस्सा बने।

कहानियां सुनना, लेखकों से मिलना और चित्रों के माध्यम से विचार व्यक्त करना बच्चों के लिए सीखने का रोचक अनुभव हो सकता है। ऐसे आयोजन उन्हें पढ़ने के साथ-साथ सवाल पूछने, कल्पना करने और अपने विचार साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

इस उत्सव में साहित्य और कला को एक साथ प्रस्तुत किया गया। देश-विदेश के लेखकों, चित्रकारों और कहानीकारों की मौजूदगी ने बच्चों को अलग-अलग रचनात्मक अनुभवों से जुड़ने का अवसर दिया।

भारत भवन में उत्साहपूर्ण माहौल

शनिवार को फेस्टिवल के पहले दिन भारत भवन में बच्चों और उनके अभिभावकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। रंग-बिरंगी कलाकृतियों, कहानी सत्रों और विशाल डूडल वॉल ने आयोजन को आकर्षक बनाया।

दो दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का पहला दिन बच्चों के साहित्य और रचनात्मकता को समर्पित रहा। संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को लेखकों, चित्रकारों और कहानीकारों के करीब आने का अवसर मिला।

फिलहाल, बुकारू चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल का पहला दिन भारत भवन में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। 25×8 फीट की विशाल डूडल वॉल और विभिन्न साहित्यिक सत्र इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहे।

Next Story