मध्य प्रदेश

सड़क बनने तक नंगे पैर रहेंगे BJP विधायक, लिया संकल्प

Kavita2
10 July 2026 6:00 PM IST
सड़क बनने तक नंगे पैर रहेंगे BJP विधायक, लिया संकल्प
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शाजापुर : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने क्षेत्र में पक्की सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर एक संकल्प लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वायरल वीडियो में विधायक कहते नजर आ रहे हैं कि जब तक उनके विधानसभा क्षेत्र में पक्की सड़कें नहीं बन जातीं, तब तक वह जूते या चप्पल नहीं पहनेंगे। उन्होंने यह घोषणा शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।

विकास कार्यों को लेकर उठाई मांग

जानकारी के अनुसार, यह घटना कालापीपल क्षेत्र में आयोजित किसान संवाद और पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान हुई। कार्यक्रम में विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपने क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

विधायक ने क्षेत्र में सड़क निर्माण सहित कई विकास कार्यों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क सुविधा लोगों के लिए बेहद जरूरी है और इसके बिना विकास की गति प्रभावित होती है।

इसी दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र की सड़कों को लेकर संकल्प लेने की घोषणा कर दी और कहा कि जब तक पक्की सड़कें नहीं बनेंगी, वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कुछ लोगों ने विधायक के इस कदम को क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे भावनात्मक बयान करार दिया।

राजनीतिक गलियारों में भी विधायक के इस संकल्प को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर इस तरह का दबाव बनाना जनता के मुद्दों को सामने लाने का एक तरीका हो सकता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिया जवाब

कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधायक के इस संकल्प पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने विधायक से ऐसा वादा नहीं करने की अपील की और कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर गंभीर है।

मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सभी क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने विधायक को आश्वासन दिया कि क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

किसानों और ग्रामीणों से संवाद कार्यक्रम

यह कार्यक्रम कालापीपल क्षेत्र में किसानों से बातचीत और पौधारोपण अभियान के तहत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे।

इस दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किसानों ने भी अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को सामने रखते हुए सड़क, परिवहन और अन्य सुविधाओं के विस्तार की मांग की।

सड़कें बनीं स्थानीय मुद्दा

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। बारिश के मौसम में खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पक्की सड़कें बनने से गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और किसानों, छात्रों तथा आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी।

विधायक ने भी इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

सरकार ने विकास कार्यों का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार लगातार विकास कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण सहित सभी जरूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

सरकार की ओर से लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।

राजनीतिक चर्चा तेज

विधायक के संकल्प के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। जहां कुछ लोग इसे जनभावनाओं से जुड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

फिलहाल विधायक के बयान के बाद क्षेत्र के लोगों की नजर अब सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण से जुड़ी उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग जल्द पूरी होगी।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि स्थानीय विकास के मुद्दे किस तरह राजनीतिक मंचों पर प्रमुखता से उठाए जाते हैं और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

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