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Bhopal : टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ी, इतने लाख से ज्यादा केस

भोपाल | मध्य प्रदेश में टीबी (क्षय रोग) के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के बड़े शहरों में टीबी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें भोपाल सबसे ज्यादा प्रभावित है। विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, खराब पोषण और जागरूकता की कमी इस बीमारी के बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
भोपाल में सबसे ज्यादा मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में इस साल अब तक 1.80 लाख से अधिक टीबी मरीज दर्ज किए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मरीज भोपाल में मिले हैं। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी टीबी के मामलों में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में बढ़ती आबादी, वायु प्रदूषण और कमजोर इम्यूनिटी इस बीमारी को बढ़ावा दे रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं टीबी के मरीज?
टीबी फैलाने वाला बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक के जरिए हवा में फैलता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग, खासकर कुपोषित बच्चे और बुजुर्ग, जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, धूल-धुआं, खराब जीवनशैली और देर से इलाज इस बीमारी के बढ़ने के पीछे बड़ी वजहें हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और योजनाएं
प्रदेश सरकार टीबी उन्मूलन को लेकर अभियान चला रही है। केंद्र सरकार की "टीबी मुक्त भारत" योजना के तहत मरीजों को मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मरीजों को पौष्टिक आहार देने के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार जांच और इलाज की बेहतर व्यवस्था से आने वाले वर्षों में इस बीमारी पर काबू पाया जा सकेगा।
टीबी के लक्षण और बचाव के उपाय
टीबी का इलाज संभव है, लेकिन समय पर पहचान जरूरी है। इसके लक्षणों में लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहना, बलगम में खून आना, वजन कम होना, बुखार और रात को पसीना आना शामिल हैं।
बचाव के उपाय:
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टीबी के मरीजों से दूरी बनाए रखें और मास्क पहनें।
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पौष्टिक आहार लें और इम्यूनिटी मजबूत करें।
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खांसते या छींकते समय मुंह ढकें।
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शुरुआती लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं।
सरकार की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को लंबे समय तक खांसी, बुखार या वजन घटने की समस्या हो, तो तुरंत जांच कराएं। सही समय पर इलाज मिलने से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।





