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Bhopal ; फायर सेफ्टी उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, दो कोचिंग संस्थान सील, 42 नोटिस जारी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भोपाल में फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। गुरुवार को भोपाल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Bhopal Municipal Corporation) ने एमपी नगर क्षेत्र में संचालित दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों—अनएकेडमी और दुर्रानी कोचिंग क्लासेस—को सील कर दिया। यह कार्रवाई हाल ही में की गई निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आए गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों के बाद की गई है।
नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान यह पाया गया कि दोनों संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़े कई मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में खराब वेंटिलेशन, एक्सपायर हो चुके फायर एक्सटिंग्विशर और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की कमी जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए। इन खामियों को देखते हुए पहले ही संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सुधार न होने पर अब सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में लखनऊ में हुई एक आग दुर्घटना के बाद भोपाल प्रशासन ने शहर के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा शुरू की थी। इस अभियान के तहत विशेष निरीक्षण टीमों का गठन किया गया, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शहर के कोचिंग संस्थान और शैक्षणिक भवन सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
इस अभियान के दौरान सामने आया कि भोपाल में लगभग ढाई लाख छात्र विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया।
निरीक्षण के दौरान कुल 42 संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों में संस्थानों को निर्देश दिया गया था कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी खामियों को दूर करें और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। हालांकि, कई संस्थानों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की।
एमपी नगर क्षेत्र में सील किए गए दोनों कोचिंग संस्थानों में छात्रों की बड़ी संख्या पढ़ाई करती है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इन संस्थानों में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई, जो गंभीर चिंता का विषय है।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर अग्निशमन उपकरण या तो काम नहीं कर रहे थे या उनकी समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा, भवनों में पर्याप्त वेंटिलेशन और निकासी मार्ग (एग्जिट रूट) की भी कमी पाई गई।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन संस्थानों ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं, उनकी दोबारा जांच के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मच गया है। कई अन्य संस्थानों ने भी अपने फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच शुरू कर दी है ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में छात्र एक साथ मौजूद रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति में अगर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो तो बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि सभी शैक्षणिक संस्थान नियमों का पालन करें और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल दोनों कोचिंग संस्थान सील हैं और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।





