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Bhopal: इंदौर जल प्रकरण को लेकर विधानसभा में प्रदर्शन

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने का संकल्प सदन में प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टिप्पणियां भी सामने आईं।
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि हर धर्म का सम्मान किया जाना चाहिए। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, इसलिए उसका व्यापार नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। साथ ही, यदि किसी गाय की मृत्यु होती है तो उसका अंतिम संस्कार किया जाए तथा उसके चमड़े और अन्य अवशेषों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल प्रचार के उद्देश्य से ऐसे संकल्प सदन में नहीं लाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मस्जिदों में मुल्ला-मौलवियों से इस आशय का संकल्प करवा दिया जाए तो गाय कटना बंद हो जाएगा।
इंदौर जल प्रकरण पर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक गंदे पानी की बोतलें लेकर गांधी प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इंदौर की जनता श्मशान जा रही है और जिम्मेदार लोग कुर्सियों पर बैठे हैं। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने आरोप लगाया कि गंदे पानी से हुई 35 मौतों की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है और संबंधित मंत्रियों से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि इंदौर प्रशासन और भाजपा की सरकार ने इस घटना से प्रदेश को वैश्विक स्तर पर शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी पीने से लगभग 35 से 40 लोगों की मौत हुई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के बजाय उन्हें पदोन्नति दे दी गई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग की।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने भीतर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय हजारों लोगों की मौत हुई थी, क्या तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने इस्तीफा दिया था।
तीसरा अनुपूरक बजट पेश
सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मौजूदा वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इस पर 23 फरवरी को चर्चा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन के पटल पर रखा गया।





