मध्य प्रदेश

Bhopal: मुख्यमंत्री यादव आज मुरैना में अटल जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

Admindelhi1
17 Feb 2025 1:06 PM IST
Bhopal: मुख्यमंत्री यादव आज मुरैना में अटल जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे
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"चंबल नदी में छोड़ेंगे घड़ियाल"

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (सोमवार) मुरैना प्रवास पर रहेंगे, जहां वे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद वे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य जाएंगे, जहां घड़ियालों को चंबल नदी में छोड़ने का कार्यक्रम होगा।

चंबल अभयारण्य का निरीक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री चंबल अभयारण्य का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और पर्यटन सुविधाओं का जायजा लेंगे। साथ ही वे करह धाम आश्रम भी जाएंगे और वहां संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे।

जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को प्रकृति ने विशेष वरदान दिए हैं। यहां घने जंगल, वनस्पतियों की विविधता और वन्य जीवों की बहुलता है। प्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे वन्य जीवों की सर्वाधिक संख्या वाला राज्य है और चीता पुनर्स्थापन करने वाला भारत का एकमात्र राज्य भी है।

चंबल नदी में घड़ियालों की अनूठी पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंबल नदी घड़ियालों की सबसे बड़ी प्राकृतिक शरणस्थली है। विश्वभर में मौजूद लगभग 3,000 घड़ियालों में से 85% अकेले चंबल नदी में पाए जाते हैं। चार दशक पहले घड़ियालों की गणना शुरू हुई थी, जिससे पता चला कि यह नदी घड़ियालों के लिए अनुकूल पर्यावास है। जनवरी और फरवरी के दौरान तापमान अनुकूल रहने पर घड़ियाल पानी से बाहर आते हैं, जिससे उनकी गिनती करना आसान हो जाता है।

राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य

इसे राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य के रूप में जाना जाता है और पर्यटकों के बीच चंबल बोट सफारी के लिए प्रसिद्ध है।

यह मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयास से स्थापित एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है।

1978 में मध्य प्रदेश सरकार ने इसे वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा दिया।

इसका मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और गांगेय डॉल्फिन का संरक्षण है।

यह लगभग 5.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें पहाड़ियां और रेतीले तट प्राकृतिक संरचना बनाते हैं।

यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित है और मुख्यालय मुरैना में स्थित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल अभयारण्य वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण स्थल है। इस यात्रा के माध्यम से वे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने का संदेश देंगे।

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