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Bhopal : अल्फांसो आम फेस्टिवल शुरू, 90,000 हापुस आम बिक्री के लिए उपलब्ध

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित दत्त मंदिर कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार से तीन दिवसीय अल्फांसो (हापुस) मैंगो फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। इस फेस्टिवल में करीब 3,000 पेड़ों से तोड़े गए लगभग 90,000 अल्फांसो आम बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में आम प्रेमी और खरीदार पहुंच रहे हैं।
अल्फांसो आम को देश की सबसे खास और प्रीमियम किस्मों में से एक माना जाता है। यह देश में एकमात्र ऐसी आम की किस्म है जिसे वजन के हिसाब से नहीं, बल्कि दर्जन के हिसाब से बेचा जाता है। इसकी विशिष्टता और स्वाद के कारण इसकी मांग हमेशा अधिक रहती है।
इस आम को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्राप्त है, जिसके चलते इसकी खेती केवल महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में लाइसेंस प्राप्त किसानों तक सीमित है। यही कारण है कि अल्फांसो आम को एक विशेष और संरक्षित कृषि उत्पाद माना जाता है।
फेस्टिवल में अल्फांसो आम की कीमत 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति दर्जन तक रखी गई है, जो गुणवत्ता और आकार के अनुसार तय की जाती है। आयोजन के दौरान लोगों को विभिन्न किस्मों के आम देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है।
एग्ज़िबिशन के आयोजक संजय जोशी ने बताया कि अल्फांसो आम की पहचान उसकी खुशबू से आसानी से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर यह आम आसपास होता है, तो उसकी सुगंध लगभग 15 फीट दूर से भी महसूस की जा सकती है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाती है।
जानकारी के अनुसार, अल्फांसो आम को पूरी तरह पकने से लगभग 10 दिन पहले पेड़ों से तोड़ा जाता है और बाद में इसे ऑर्गेनिक तरीकों से पकाया जाता है। इस प्रक्रिया से इसका स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहती है।
फेस्टिवल में हापुस कैटेगरी के तहत रत्नागिरी पयारी नाम की एक खास किस्म भी शामिल है, जो अपनी मिठास के लिए जानी जाती है। इस किस्म के आम का वजन सामान्यतः 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के फेस्टिवल न केवल उपभोक्ताओं को सीधे किसानों से जोड़ते हैं, बल्कि पारंपरिक फलों की पहचान और उनके संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फेस्टिवल के दौरान लोगों में अल्फांसो आम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।





