मध्य प्रदेश

Bhopal : रेस्टोरेंट में सैंडविच में मरी हुई मक्खी मिलने का आरोप, जांच के आदेश

Kavita2
16 Jun 2026 3:56 PM IST
Bhopal : रेस्टोरेंट में सैंडविच में मरी हुई मक्खी मिलने का आरोप, जांच के आदेश
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : खाने-पीने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच राजधानी भोपाल से एक नया मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर फूड सेफ्टी व्यवस्था पर चर्चा छेड़ दी है। भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक रेस्टोरेंट में परोसे गए सैंडविच में कथित तौर पर मरी हुई मक्खी मिलने का मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब एक ग्राहक ने रेस्टोरेंट से सैंडविच ऑर्डर किया था। खाने के दौरान उसे उसमें एक मरी हुई मक्खी दिखाई दी, जिसके बाद उसने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तुरंत आपत्ति दर्ज कराई। ग्राहक ने इस पूरे मामले को जन-स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए फूड सेफ्टी विभाग में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।

शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही न केवल उपभोक्ता के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करती है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी भी दर्शाती है। ग्राहक ने मांग की है कि रेस्टोरेंट के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए।




मामले के सामने आने के बाद फूड सेफ्टी विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को एक फूड इंस्पेक्टर द्वारा इस रेस्टोरेंट का निरीक्षण किए जाने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री, साफ-सफाई व्यवस्था और किचन की स्थिति की जांच की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना या लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में खाने-पीने की जगहों पर स्वच्छता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी के कारण ऐसी घटनाएं दोबारा होती रहती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का पालन बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और फूड सेफ्टी विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह लापरवाही किस स्तर की थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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