मध्य प्रदेश

Bhopal: आज भोपाल में आयोजित होगी गैस त्रासदी 41वीं बरसी की सभा

Admindelhi1
3 Dec 2025 11:02 AM IST
Bhopal: आज भोपाल में आयोजित होगी गैस त्रासदी 41वीं बरसी की सभा
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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी के अवसर पर बरकतउल्ला भवन सेंट्रल लायब्रेरी भोपाल में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मौजूद रहेंगे। सभा में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

जनसम्पर्क अधिकारी अवनीश सोमकुवर ने बताया कि प्रार्थना सभा प्रातः 10.30 बजे से 11.12 बजे तक प्रातः आयोजित की जाएगा। इसमें हिन्दू, मुस्लिम, बोहरा, इसाई, सिख, जैन और बौद्ध संप्रदाय के धर्मगुरूओं द्वारा सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक पाठ किया जाएगा। भोपाल गैस त्रासदी के दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शहर के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर राज्य सरकार ने छुट्‌टी की घोषणा की है। आज सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।

इससे पहले मंगलवार देर शाम भोपाल में मोमबत्ती रैली और मशाल जुलूस निकाले गए। यूनियन कार्बाइड के जहर से पीड़ितों की सेवा में काम करने वाली संस्था संभावना ट्रस्ट क्लिनिक की ओर से ये रैली निकाली गई। रैली छोला गणेश मंदिर से शुरू होकर गैस माता मूर्ति के पास पहुंची। जहां गैसकांड के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन शाम 6 बजे शाहजहांनी पार्क से मशाल-कैंडिल जुलूस निकाला।

संगठन के संयोजक शावर खान ने बताया कि गैसकांड को भले ही 41 साल बीत गए हो, लेकिन गैस पीड़ित आज भी दुनिया की सबसे भयानक त्रासदी का दंश भोग रहे हैं। जिस जगह फैक्ट्री है, उसके जहरीले कचरे की वजह से आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में पीने का पानी दूषित है। इस वजह से हजारों लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। सरकार इन पीड़ितों की सेहत पर गंभीरता से ध्यान दें। इसके अलावा पीड़ितों को पांच गुना मुआवजा दिया जाए, ताकि वे बेहतर तरीके से जीवनयापन कर सके।

गौरतलब है कि भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के एक टैंक से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस रिस गई। पास की एक बस्ती तक ये गैस जब पहुंची, तो कई लोग नींद में ही दम तोड़ दिया। कई लोगों का दम घुटने लगा और धीरे धीरे चारों ओर भगदड़ मच गई। फैक्ट्री के आसपास के इलाके में लाशें बिछ गईं। जिन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गईं। चीखें इतनी कि लोगों को आपस में बातें करना मुश्किल हो रहा था। इस हादसे को आज 41वीं बरसी मनाई जा रही है, लेकिन आज भी इसका दर्द लोगों की आंखों में दिखता हैं।

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