मध्य प्रदेश

BHEL और थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया का रणनीतिक समझौता

Kavita2
7 July 2026 5:19 PM IST
BHEL और थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया का रणनीतिक समझौता
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नई दिल्ली : भारत में ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत भारत में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम का चरणबद्ध स्वदेशीकरण और स्थानीय स्तर पर निर्माण किया जाएगा।

इस सहयोग से देश में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए जरूरी तकनीक और उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही BHEL की परियोजना निष्पादन क्षमता को भी मजबूती मिलेगी, जिससे देशभर में ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में बढ़ेगी भारत की क्षमता

ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से तैयार किया जाता है और पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है।

ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन में इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम की अहम भूमिका होती है। एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक का इस्तेमाल पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अलग करने के लिए किया जाता है।

इस समझौते के जरिए भारत में इस तकनीक के विकास और निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में अपनी क्षमता को और मजबूत कर सकेगा।

चरणबद्ध तरीके से होगा स्वदेशीकरण

BHEL और थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया के बीच हुए समझौते का मुख्य उद्देश्य एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम का फेज्ड इंडिजिनाइज़ेशन यानी चरणबद्ध स्वदेशीकरण करना है।

इसके तहत शुरुआती स्तर पर तकनीकी सहयोग के साथ काम किया जाएगा और धीरे-धीरे भारत में इन उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित की जाएगी।

स्थानीय निर्माण बढ़ने से भारत को इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा देश के विनिर्माण क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।

BHEL की परियोजना क्षमता को मिलेगा विस्तार

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड देश की प्रमुख इंजीनियरिंग और ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। कंपनी बिजली उत्पादन, भारी उपकरण निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही है।

इस नई साझेदारी के माध्यम से BHEL अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और परियोजना प्रबंधन क्षमता का इस्तेमाल ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में करेगी।

कंपनी देशभर में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए समाधान उपलब्ध कराने और उनके सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

थाइसेनक्रुप नुसेरा की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ

थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी है।

इस साझेदारी के तहत कंपनी अपनी उन्नत तकनीकी जानकारी और अनुभव को BHEL के साथ साझा करेगी। इससे भारत में उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम विकसित करने में सहायता मिलेगी।

दोनों कंपनियों का लक्ष्य भारत में बड़े स्तर पर ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए विश्वसनीय और किफायती समाधान उपलब्ध कराना है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर

इस रणनीतिक समझौते पर दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।

BHEL की ओर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेवी पावर इक्विपमेंट प्लांट) वाई. श्रीनिवास राव और जनरल मैनेजर एवं हेड (न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस) ने समझौते की प्रक्रिया पूरी की।

वहीं, थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से CEO किरण जोसेफ और डायरेक्टर (बिजनेस डेवलपमेंट एंड सेल्स) मनीष भोसले ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी गति

यह साझेदारी केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप मानी जा रही है।

भारत ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए घरेलू स्तर पर तकनीक और उत्पादन क्षमता विकसित करना बेहद जरूरी है।

इस समझौते से भारत में ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े उपकरणों के निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति बेहतर कर सकेगा।

उद्योग और रोजगार के लिए नए अवसर

ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र के विस्तार से देश में नए औद्योगिक अवसर पैदा होने की संभावना है। इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम के स्थानीय निर्माण से विनिर्माण क्षेत्र को फायदा मिलेगा।

इसके अलावा इंजीनियरिंग, तकनीकी सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में बड़ा कदम

BHEL और थाइसेनक्रुप नुसेरा इंडिया का यह समझौता भारत के ऊर्जा परिवर्तन अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दोनों कंपनियां मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने, उपकरणों के स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देने और भारत को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगी।

इस साझेदारी से उम्मीद है कि भारत में ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम तेजी से विकसित होगा और देश भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम बनेगा।

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