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Betul : मरी गाय के शव को कचरा गाड़ी से घसीटने का वीडियो वायरल

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : बैतूल जिले की झल्लार ग्राम पंचायत में एक वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में एक मरी हुई गाय के शव को नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी से घसीटते हुए दिखाया गया है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और मामले को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, गोरक्षा से जुड़े संगठनों और राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्यों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि मृत पशु के साथ इस तरह का व्यवहार अनुचित है और यह संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। कई संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
झल्ला ग्राम पंचायत में सामने आई इस घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी जा रही है। वायरल वीडियो में कथित रूप से नगर निगम की कचरा गाड़ी द्वारा शव को घसीटते हुए दिखाया गया है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
A dead cow was tied with a rope to a Gram Panchayat garbage vehicle and dragged for nearly 1 kilometre on the road in Jhallar village, Bhainsdehi Assembly constituency, instead of being transported with dignity for its last rites. The horrifying act came to light after local gau… pic.twitter.com/ixliM63osX
— yash saghal (@YSaghal) June 29, 2026
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह मामला परतवाड़ा रोड से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक अनजान वाहन की टक्कर से गाय की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद गाय का शव सड़क किनारे पड़ा रहा। चूंकि जानवर आवारा प्रतीत हो रहा था, इसलिए किसी भी व्यक्ति या मालिक ने शव को उठाने की जिम्मेदारी नहीं ली।
अधिकारियों का कहना है कि शव करीब दो दिनों तक सड़क किनारे पड़ा रहा, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई। इसके बाद शव हटाने की कार्रवाई के दौरान यह घटना सामने आई, जो अब विवाद का विषय बन गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है, जबकि कुछ लोगों ने पशु सम्मान और संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए हैं। विभिन्न संगठनों ने कहा है कि इस तरह की घटनाएं स्थानीय व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं और ऐसे मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन होना चाहिए।
गोरक्षा संगठनों और अन्य धार्मिक समूहों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि मृत पशु के निपटान के लिए उचित और सम्मानजनक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
स्थानीय प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रारंभिक जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय तक शव पड़े रहने से न केवल असुविधा हुई, बल्कि यह स्वास्थ्य और सफाई के लिहाज से भी गंभीर समस्या बन गई थी। लोगों ने यह भी मांग की है कि आवारा पशुओं की समस्या और दुर्घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक संवेदनशील विषय बन गया है, जिसमें एक ओर सार्वजनिक भावनाएं जुड़ी हैं और दूसरी ओर व्यवस्थागत खामियों पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





