मध्य प्रदेश

भोपाल में 2 महीने तक धरना प्रदर्शन पर रोक पुलिस का बड़ा आदेश

Ratna Netam
21 Oct 2026 9:18 PM IST
भोपाल में 2 महीने तक धरना प्रदर्शन पर रोक पुलिस का बड़ा आदेश
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के प्रमुख रोशनपुरा चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और आसपास के निर्धारित क्षेत्रों में अगले दो महीने तक धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, रैली और पुतला दहन जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित होने से आम नागरिकों के साथ आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी होती है।
रोशनपुरा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर प्रदर्शन प्रतिबंधित
पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रोशनपुरा चौराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा शहर के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों पर स्थित हैं। इन स्थानों पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, समितियों और अन्य समूहों द्वारा अक्सर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति मांगी जाती है।कई बार प्रदर्शनों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है। इससे स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों कोपरेशानियों का सामना करना पड़ता है।इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में दो महीने के लिए प्रदर्शन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को लेकर चिंता
प्रशासन के अनुसार, रोशनपुरा चौराहा ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है, जहां से राजभवन, हवाई अड्डा, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए आवाजाही होती है।इस मार्ग का इस्तेमाल एंबुलेंस, दमकल वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी करते हैं।पुलिस का कहना है कि चौराहों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से यातायात जाम की स्थिति बन सकती है। इससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध को जरूरी बताया है।
आकाशवाणी और किलोल पार्क क्षेत्र भी प्रतिबंध के दायरे में
पुलिस प्रशासन ने पॉलिटेक्निक चौराहे के साथ आकाशवाणी चौराहा, किलोल पार्क चौराहा और इनके बीच के निर्धारित मार्गों को भी प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल किया है।पुलिस के अनुसार, पॉलिटेक्निक चौराहा हवाई अड्डे, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है।इन इलाकों में वैकल्पिक मार्ग सीमित होने के कारण प्रदर्शन के दौरान सड़क बाधित होने से यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।प्रशासन ने कहा है कि प्रतिबंध का उद्देश्य सार्वजनिक आवाजाही को सुरक्षित रखना और आपातकालीन सेवाओं को बिना रुकावट संचालित होने देना है।
दो महीने तक इन गतिविधियों पर रहेगी रोक
आदेश के तहत संबंधित स्थानों पर धरना, हड़ताल, विरोध-प्रदर्शन, आंदोलन, जुलूस और पुतला दहन जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।यह आदेश 19 अक्टूबर 2026 से दो महीने की अवधि के लिए लागू किया गया है।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।हालांकि, विशेष परिस्थितियों में पुलिस आयुक्त से प्रतिबंध में छूट देने का अनुरोध किया जा सकता है। छूट देना संबंधित अधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा।
धारा 163 के तहत जारी किया गया आदेश
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत सक्षम अधिकारी सार्वजनिक सुरक्षा, शांति व्यवस्था और संभावित खतरे को देखते हुए तत्काल प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकते हैं।इसी कानूनी प्रावधान का उपयोग करते हुए भोपाल पुलिस आयुक्त ने निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन गतिविधियों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया है।यह प्रतिबंध पूरे भोपाल शहर में सभी प्रकार के विरोध-प्रदर्शनों पर लागू नहीं है, बल्कि आदेश में चिह्नित स्थानों और मार्गों के लिए जारी किया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों पर पड़ेगा असर
राजधानी भोपाल में रोशनपुरा और पॉलिटेक्निक चौराहा लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख स्थान रहे हैं। राजनीतिक दल, कर्मचारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं और विभिन्न समूह अपनी मांगों को लेकर इन क्षेत्रों में एकत्र होते रहे हैं।नए आदेश के बाद इन स्थानों पर आंदोलन आयोजित करने वाले संगठनों को अपनी गतिविधियों के लिए अन्य वैधानिक विकल्प तलाशने होंगे।हालांकि, प्रशासन ने अभी इन प्रतिबंधों के बदले किसी नए स्थायी प्रदर्शन स्थल की स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद
पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि प्रतिबंध लागू होने से प्रमुख चौराहों पर यातायात जाम की समस्या कम होगी और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी।विशेष रूप से अस्पताल जाने वाले मरीजों, एंबुलेंस सेवाओं और दैनिक यात्रियों को इससे सुविधा मिलने की संभावना है।फिलहाल भोपाल पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। अब अगले दो महीने तक निर्धारित क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
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