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Balaghat : भारी बारिश से बाढ़, देव नदी के पास फंसे 16 ग्रामीणों का रेस्क्यू

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : बालाघाट जिले में शनिवार को लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिसमें देव नदी के पास फंसे 16 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना किरनापुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के भगतपुर गांव में सामने आई, जहां अचानक जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का वापसी का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार, पिछले दो से तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी, जिसके कारण नदी और आसपास के नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया था। शनिवार को भगतपुर गांव के कुछ लोग रोजमर्रा की तरह देव नदी के पास स्थित खेतों में काम करने गए थे। लेकिन दोपहर बाद अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और नदी में बने एक छोटे पुल पर पानी चढ़ जाने से वह पूरी तरह डूब गया।
पुल के डूबने के कारण खेतों में गए सभी 16 ग्रामीण गांव की ओर वापस नहीं लौट पाए और नदी के दूसरे किनारे पर फंस गए। धीरे-धीरे पानी का स्तर और बढ़ने लगा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। ग्रामीणों ने स्थिति को देखते हुए तुरंत स्थानीय लोगों और प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और स्टेट डिज़ास्टर इमरजेंसी रिस्पॉन्स फोर्स (SDERF) की टीम के साथ स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव दल ने स्थिति का आकलन किया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
#WATCH | बालाघाट, मध्य प्रदेश: भारी बारिश के बाद किरनापुर थाना क्षेत्र के भानपुर गांव से ग्रामीणों को बचाया गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 4, 2026
(वीडियो सोर्स: पुलिस) pic.twitter.com/r3ZUwSWym4
रेस्क्यू टीम ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद नदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के बीच ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की मदद से एक-एक कर सभी फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान टीम को काफी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सतर्कता के साथ किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के बाद उन्हें प्राथमिक जांच के लिए सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि भारी बारिश के कारण कई निचले इलाके जलभराव की चपेट में हैं और ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में हर साल बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता अधिक होने के कारण हालात तेजी से बिगड़ गए। ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू टीम की सराहना की है।
पुलिस और SDERF अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और संभावित जोखिम वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक रूप से नदी-नालों या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। साथ ही, ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि भारी बारिश के दौरान छोटी लापरवाही भी बड़ी आपदा का रूप ले सकती है। समय रहते की गई प्रशासनिक कार्रवाई और रेस्क्यू टीम की तत्परता के कारण सभी 16 ग्रामीणों की जान बचाई जा सकी।





